जासं, गुरुग्राम: जिला प्रशासन द्वारा सेक्टर-9ए स्थित ईएसआइसी को कोविड-19 अस्पताल का दर्जा दिया था। मेदांता अस्पताल के विशेषज्ञों की कमेटी ने जब इस अस्पताल का निरीक्षण किया तो यह अस्पताल कोविड-19 अस्पताल बनने लायक नहीं पाया गया। ईएसआइसी अस्पताल में काम करने वाले कर्मचारियों ने नाम न बताने की शर्त पर जानकारी दी कि अस्पताल में फायर एनओसी व सीवेज के लिए एसटीपी का प्रबंध नहीं है। फिर भी प्रशासन इस अस्पताल को कोविड-19 अस्पताल बनाना चाहता था। यदि ऐसा हो जाता तो लोगों के लिए संकट खड़ा हो जाता।

सेक्टर 9- ए आरडब्ल्यूए के महासचिव सूरज भोला व सेक्टर नौ आरडब्ल्यूए के अध्यक्ष नरेश कटरिया ने प्रशासन को पत्र लिखकर बताया कि यह अस्पताल सेक्टर 9ए के सीवर नेटवर्क से जुड़ा है। सेक्टर में पानी की लाइन पुरानी है और जर्जर हो चुकी है। जिसको बदलने के लिए टेंडर की भी प्रक्रिया जारी है।

इस सेक्टर में सीवर ओवरफ्लो आम बात है और अक्सर सीवर और पानी मिक्स हो जाते हैं। यदि कोरोना संक्रमित सीवेज सेक्टर के पानी में मिक्स हो गया तो कई मासूम लोग कोरोना वायरस की चपेट में आ सकते हैं। इस हॉस्पिटल को कोरोना मरीज के इलाज के लिए दर्जा देना किसी प्रकार से उचित नहीं है। घनी आबादी वाला क्षेत्र होने के कारण यहां कोरोना संक्रमण फैलने का खतरा बहुत है।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस