जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : हटाए गए जेबीटी शिक्षकों की ज्वाइ¨नग की प्रक्रिया मंगलवार से शुरू होनी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अभी शिक्षा विभाग द्वारा इनके सत्यापन का काम पूरा नहीं हुआ है जिसके चलते अब इन्हें 16 दिसंबर को बुलाया गया है।

जेबीटी शिक्षक संघ के प्रधान विजयपाल शास्त्री के मुताबिक राज्य सरकार ने लो मेरिट समेत सभी जेबीटी शिक्षकों के समायोजन के लिए सात दिसंबर को ही आदेश जारी कर दिए थे। इस संबंध में सभी शिक्षकों को ईमेल के जरिए सूचित भी कर दिया गया। जब सभी 338 शिक्षक ज्वाइ¨नग के लिए आठ दिसंबर को लघु सचिवालय पहुंचे, तो विभागीय अधिकारियों ने कोई सुनवाई नहीं की। ऐसे में सभी जेबीटी शिक्षक बाहर प्रदर्शन करने लगे। उपायुक्त के हस्तक्षेप के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी शिक्षकों को 11 दिसंबर के बाद आने को कहा। उन्होंने उस समय बताया था कि इस बीच अवकाश के बावजूद दफ्तर खोलकर सत्यापन का काम पूरा कर लिया जाएगा। लेकिन जब 11 दिसंबर को जेबीटी शिक्षक पहुंचे तो उन्हें दोबारा 16 दिसंबर को आने को कह दिया गया। शिक्षा विभाग के खिलाफ जेबीटी शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा से मुलाकात की। उन्हें ज्ञापन दिया और तत्काल समायोजन कराने की मांग की। लेकिन मंत्री ने कहा कि पहले धरना हटाओ, उसके बाद सुनवाई होगी। उल्लेखनीय है कि जेबीटी शिक्षक समान काम के लिए समान वेतन एवं नियमन की मांग को लेकर करीब एक महीने से लोक निर्माण मंत्री राव नरबीर ¨सह के आवास के सामने धरने पर बैठे हैं। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रामकुमार फलसवाल के मुताबिक अभी इन अध्यापकों के सत्यापन का काम चल रहा है जिसके बाद ही उन्हें ज्वाइन करवाया जाएगा।

Posted By: Jagran

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