संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम: हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) द्वारा सेक्टर-56 स्थित एक अस्पताल के लिए गलत तरीके से साइट अलॉटमेंट को लेकर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार मेहता की अदालत ने तत्कालीन प्रशासक, तत्कालीन दो संपदा अधिकारी सहित 10 लोगों के खिलाफ सेक्टर-14 थाने में मामला दर्ज कराने का आदेश दिया है। यह आदेश सोमवार को आरटीआइ कार्यकर्ता हरींद्र धींगड़ा की याचिका पर सुनवाई करते हुए जारी किया गया।

जानकारी के अनुसार, सेक्टर-56 में 1997 के दौरान एक अस्पताल की साइट अलॉट हुई थी। 2006 में इसकी कन्वेंयस डीड हुई। 2014 में नक्शा पास करने का आवेदन लगा, जिसे मुख्य प्रशासक ने समय अधिक होने का हवाला देते हुए साइट को रिज्यूम करने के आदेश दिए। शिकायत है कि स्थानीय अधिकारियों ने मिलीभगत कर 2015 के दौरान पजेशन दोबारा दे दिया, ताकि प्लॉट रिज्यूम न हो सके। 2016 में नक्शे भी पास कर दिए गए।

मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अश्वनी कुमार मेहता ने तत्कालीन प्रशासक, दो तत्कालीन संपदा अधिकारी समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के आदेश दिए हैं। आरटीआइ कार्यकर्ता हरींद्र धींगड़ा का कहना है कि आज इस साइट की कीमत लगभग 200 करोड़ रुपये है। नियमों के अनुसार, आज यह साइट विभाग के पास होनी चाहिए थी, लेकिन अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई।

Posted By: Jagran

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