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साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: चीन से आए सिम बॉक्स से पूरे देश में फैला नेटवर्क, गुरुग्राम में 15 बरामद

Published: Fri, 03 Apr 2026 02:10 AM (IST)

चीन, फिलीपींस और कंबोडिया के साइबर सिंडिकेट भारत में नेपाल के रास्ते सिम बॉक्स भेजकर ठगी कर रहे हैं। गुरुग्राम ...और पढ़ें

चीन, फिलीपींस और कंबोडिया के साइबर सिंडिकेट भारत में नेपाल के रास्ते सिम बॉक्स भेजकर ठगी कर रहे हैं। इमेज एआई

चीन, फिलीपींस और कंबोडिया के साइबर सिंडिकेट भारत में नेपाल के रास्ते सिम बॉक्स भेजकर ठगी कर रहे हैं। इमेज एआई

विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। चीन, फिलिपींस और कंबोडिया में बैठे साइबर सिंडिकेट भारत के लोगों से ठगी के लिए नए-नए तरीके खोज रहे हैं। सिंडिकेट ने भारत में नेपाल के रास्ते ऐसी मशीनें भेजीं, जिनके माध्यम से प्रतिदिन लाखों कॉल भारतीयों को ठगी के लिए जा रहे थे। नई तरीके की मशीनें एक तरह की सिम बाक्स हैं, जिन्हें देशभर के अलग-अलग राज्यों में इंस्टाल कराया गया।

फिलहाल इनकी बरामदगी गुरुग्राम से की गई। इसके अलावा ये मशीनें तमिलनाडु राज्य के भी दो शहरों से मिली हैं।
गुरुग्राम के अलावा दूसरे राज्यों से इनकी बरामदगी होने का मतलब यह है कि विदेश में बैठे साइबर सिंडिकेट के लोगों ने देशभर में अपना नेटवर्क बनाया और ठगी की साजिश रची। इन मशीनों के जरिए रैंडम तरीके से किसी भी फोन पर काल कीजा रही थी। इसका कोई दायरा भी सीमित नहीं है।

ऑटोमेटिक तरीके से कॉल किसी भी स्थान, जिले या किसी भी राज्य में रहने वाले लोगों को जा रहे थे। मोबाइल एप का इस्तेमाल कर इन मशीनों के जरिए विदेश से आने वाली काल को भारत के लोकल नंबर में बदल दिया जाता है। इस कारण भारतीयों को ठगी के लिए आने वाली कॉल के फोन नंबर संदिग्ध नहीं लगते।

गुरुग्राम साइबर पुलिस के पास प्रतिदिन धोखाधड़ी की सौ से ज्यादा शिकायतें पहुंचती हैं। जब शिकायतों का पैटर्न चेक किया गया और इंडियन साइबर क्राइम कोर्डिनेशन सेंटर से मिली तकनीकी सहायता से जांच की गई तो इतने बड़े नेटवर्क के बारे में जानकारी मिली। जांच के दौरान एक फोन नंबर पर पुलिस की तरफ से काल भी की गई तो डिजिटल अरेस्ट जैसी घटनाएं सामने आईं।

और भी जगहों पर हो सकता है सेटअप

साइबर पुलिस के अनुसार फिलिपींस से नेपाल के रास्ते सबसे पहले सिम बाक्स बिहार पहुंचे। यहां से नेटवर्क में शामिल लोगों ने अलग-अलग राज्यों में इन्हें भेजे। गुरुग्राम में ये सिम बाक्स तीन महीने पहले लगाए गए थे। एक महीने पहले इसकी जानकारी सामने आने के बाद अभी तक गुरुग्राम साइबर पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर कुल 15 सिम बाक्स बरामद किए।

हालांकि, गुरुग्राम या कहीं और कितने सिम बाक्स इंस्टाल हैं, पूरी तरह से इसकी जानकारी नहीं है। साइबर पुलिस इसका पता लगा रही है। साइबर पुलिस के अनुसार यह पता चला कि बीते दिनों ही चेन्नई और कांचीपुरम से भी तमिलनाडु पुलिस ने इसी तरह के कुछ सिम बाक्स बरामद किए।

इसलिए आशंका है कि देश के अन्य जिलों में भी इस तरह के सिम बाक्स इंस्टाल हो सकते हैं। गुरुग्राम साइबर पुलिस तमिलनाडु पुलिस से भी इस बारे में जानकारी साझा कर सकती है। नेटवर्क में और कितने लोग भारत के शामिल हैं, इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। नेटवर्क का पर्दाफाश करने के लिए बनाई गई एसआइटी में इंस्पेक्टर संदीप कुमार, एसआइ सुनील, एएसआइ संदीप, एएसआइ अनिल कुमार, एएसआइ सुभाष और कांस्टेबल पंकज शामिल हैं।

पकड़े गए पांचों आरोपितों को भेजा गया जेल

डीसीपी ईस्ट गौरव राजपुरोहित ने बताया गुरुग्राम में अलग-अलग जगहों पर सिम बाक्स सेटअप करने के मामले में साइबर पुलिस ने अहमदाबाद के यश अमृत सिंह, कच्छ जिले के रहने वाली भाविका, जलगांव जिले के लितेश और सागर को पकड़ा था।

आरोपितों की भूमिका सिम बाक्स संचालन, उपकरणों की डिलीवरी, सेटअप, काल रूटिंग व साइबर अपराधियों से समन्वय स्थापित करने में पाई गई। इनसे पूछताछ में इनके नेटवर्क के और लोगों की जानकारी मिली। साथ ही विदेश में बैठे लोगों के बारे में भी पूछताछ की गई।

फिलहाल इन सभी को जेल भेज दिया गया है। अभी यह पता नहीं चला कि इन सिम बाक्स के जरिए कितने लोगों से और कितने रुपये की ठगी की गई। सिम बाक्स के साथ मिले 504 सिम की भी जानकारी टेलीकाम कंपनियों से जुटाई जा रही है। जल्द ही नेटवर्क में शामिल और लोगों की भी गिरफ्तारियां की जाएंगी।

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