प्रियंका दुबे मेहता, गुरुग्राम: होली के अवसर पर रंगों को लेकर जितना उत्साह रहता है, त्योहार बीत जाने के बाद उतनी ही परेशानी होती है। होली के रंग चाहे कितने भी सौम्य व हर्बल क्यो न हों, त्वचा को प्रभावित जरूर करते हैं। होली खेलने के बाद त्वचा पर स्क्रबिग या फिर सफाई के अन्य तरीके लंबे समय के लिए रूखापन छोड़ जाते हैं। इतना ही नहीं रंगों का प्रभाव त्वचा की कोशिकाओं को जला देता है, जिसे रिकवर करने में काफी समय लग जाता है। इन समस्याओं से बचने के लिए लोग विशेषज्ञों का सहारा ले रहे हैं। ऐसे में प्री होली ट्रीटमेंट्स से लेकर रंग खेलने से पहले तक के टिप्स दिए जा रहे हैं। चेहरे के लिए

त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय राणा के मुताबिक होली के दिन रंग खेलने के लिए घर से निकलने के लगभग 20 मिनट पहले ज्यादा मात्रा में सनस्क्रीन लगा लेना चाहिए। एसपीएफ 20 तक का सनस्क्रीन इस अवसर के लिए सही रहता है। होली के रंग ही नहीं, चेहरे की त्वचा को इस दौरान लगने वाली धूप से भी सन बर्न व टैनिग की संभावना रहती है। पानी व रंगों से त्वचा बेहद नम हो जाती है और ऐसे में सूरज की तेज रोशनी सीधे त्वचा की भीतरी परतों तक पहुंच जाती है। हाथों की सुरक्षा

होली खेलने के बाद अक्सर देखने में आता है कि हाथ पैरों पर लगे रंग बेहद गहरे हो जाते हैं। साथ ही नाखूनों के क्यूटिकल्स भी खराब हो जाते हैं। ऐसे में होली खेलने से पहले नेल्स पर ट्रांसपेरेंट नेल वार्निश, नेल पॉलिश व पेट्रोलियम जैली का कोट लगाना चाहिए। इससे नाखून व त्वचा में रंग को एबजॉर्ब करने की क्षमता खत्म हो जाती है। ऐसे में रंग त्वचा की भीतरी परतों तक नहीं पहुंच पाता। तेल से बचाएं बाल

होली के रंग बालों को सीधा-सीधा प्रभावित करते हैं। होली खेलने से पहले बालों पर तेल, खासतौर पर नारियल का तेल लगा लेने से बालों पर दुष्प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है। तेल बालों पर एक परत बना देता है जिससे रंग बालों के भीतर नहीं जा पाता है और होली के बाद आसानी से बालों से रंग भी निकाला जा सकता है। इस दौरान बालों को बांध के रखना चाहिए। वर्जन..

'होली के रंगों में मौजूद कैमिकल्स से त्वचा पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को रोकने के लिए पहले से ही सुरक्षा सुनिश्चित करनी चाहिए। त्वचा को तेल, सनस्क्रीन, व मॉइश्चराइजर से पहले ही सुरक्षित कर लेना चाहिए।'

- डॉ. सचिन धवन, त्वचा रोग विशेषज्ञ 'होली से पहले त्वचा के ट्रीटमेंट जैसे लेजर, पील या फिर किसी अन्य तरह की थैरेपी लेने से बचें। इनसे त्वचा संवेदनशील हो जाती है। ऐसे में होली के रंगों से इंफेक्शन हो सकता है। इसके अलावा होली वाले दिन त्वचा को मॉइश्चराइज्ड रखें। इसके लिए तेल, वेसलीन व सनस्क्रीन का प्रयोग करें। बालों व हाथ पैरों के लिए भी इन चीजों का प्रयोग किया जाना चाहिए।'

-डॉ.बीएल जांगिड़, त्वचा रोग विशेषज्ञ

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