संवाद सहयोगी, फरुखनगर: उपमंडल की सुविधा नहीं होने से फरुखनगर क्षेत्र के लोगों को पटौदी या गुरुग्राम जाना पड़ता है। ऐसे में इलाके के लोग फरुखनगर को उपमंडल घोषित कर एसडीएम, एसीपी तथा अन्य अधिकारियों की नियुक्ति कर कार्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं। समाजसेवी राजबीर पंडित सैदपुर, अजित ताजनगर, चौधरी धर्मपाल, सतपाल ठेकेदार, हरकेश फौजी, काले पहलवान, बालकिशन यादव फाजिलपुर, मनोज यादव एडवोकेट, कुलदीप एडवोकेट, संदीप यादव एडवोकेट, श्री भगवान, रामबीर यादव, प्रदीप यादव ने कहा कि औद्योगिकीकरण बढ़ने के कारण सरकार द्वारा जमीनों का अधिग्रहण किया जा रहा है। वर्तमान में सरकार द्वारा लागू किए गए नए नियमों के अनुसार एसडीओ की निर्णायक भूमिका ज्यादा होने के कारण यहा पर कोर्ट केस ज्यादा हो रहे है। इसके चलते फरुखनगर को उपमंडल का दर्जा दिया जाना जरूरी है।

फरुखनगर खंड क्षेत्र में 25-30 हजार से ज्यादा की आबादी रहती है। इससे तहसील, ब्लाक, थाने आदि संबंधित केसों में भी वृद्धि हुई है। इसके चलते न्याय पाने के लिए इलाके के लोगों को पटौदी, गुरुग्राम के चक्कर लगाने पड़ते है। बता दें कि मुगलकाल हो या अंग्रेजी हकूमत फरुखनगर को शुरू से ही शहर का दर्जा प्राप्त है। सरकार द्वारा फरुखनगर को खंड व तहसील का दर्जा ही दिया हुआ है, जो पर्याप्त नहीं है। फरुखनगर कस्बा एक ऐतिहासिक शहर है। जिसमें काफी पुरातात्विक महत्व के स्थल हैं। दूर-दूर से लोग कस्बे में पुरातत्विक स्थल देखने के लिए आते हैं। सरकार को फरुखनगर को उपमंडल का दर्जा देना चाहिए।

राजबीर शर्मा, सैदपुर फरुखनगर के आसपास अनेक कंपनियां व वेयर हाउस आने से दूसरे प्रदेशों से लोग यहां आ रहे हैं। कस्बे की जनसंख्या में भी काफी वृद्धि हुई है। इससे थाने संबंधित केसो में भी वृद्धि हो रही है।

चौधरी सतपाल, हाजीपुर फरुखनगर को मात्र तहसील का दर्जा मिला हुआ है। सरकार को फरुखनगर कस्बे को उपमंडल का दर्जा देना चाहिए ताकि लोगों को पटौदी या गुरुग्राम के चक्कर न काटने पड़े।

अजित यादव, ताजनगर आबादी के हिसाब से फरुखनगर को उपमंडल का दर्जा दिया जाना चाहिए, इससे गुरुग्राम तथा पटौदी एसडीएम के पास मामलों का अधिक दबाव नहीं रहेगा।

दिनेश कुमार, पातली

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