यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 24, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
शाही दुलारियों को निहारने पहुंच रहे हैं इनके मुरीद
सेक्टर-28 स्थित म्यूजियो कैमरा परिसर में शाही दुलारियों (विटेज कारों) के दीदार को लोग पहुंचने लगे हैं। इन्हें देखने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाया गया है।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: सेक्टर-28 स्थित म्यूजियो कैमरा परिसर में शाही दुलारियों (विटेज कारों) के दीदार को लोग पहुंचने लगे हैं। इन्हें देखने के लिए किसी प्रकार का शुल्क नहीं लगाया गया है। इन दुर्लभ कारों को हिस्टारिक आक्शंस प्राइवेट लिमिटेड द्वारा प्रदर्शित किया गया है। बुधवार को इन्हें देखने पहुंचे लोग इनके बारे में अधिक से अधिक जानकारी हासिल करने में जुटे हुए थे। विंटेज कारों के मुरीदों में सबसे अधिक क्रेज 1959 कैडिलैक पिक सेडान डी विले के लिए देखा गया। 1928 की आस्टिन-7 सहित अन्य कारों ने भी लोगों का दिल जीता।
हिस्टारिक आक्शंस प्राइवेज लिमिटेड की ओर विटेज कारों की प्रदर्शनी में उन्हीं कारों को उतारा गया है जिनकी आने वाले दिनों में नीलामी होनी है। नीलामी की घोषणा मंगलवार को आयोजक की ओर से की गई थी। इससे जुटने वाले कुछ फंड के कुछ भाग को विभिन्न क्षेत्रों के कल्याण कार्य में लगाया जाएगा। प्रदर्शनी में कारों के साथ फोटो खिंचाने को लेकर भारी उत्साह दिखा।
1958 की एमजी ए-1500 स्पोर्ट्स कार, 1958 टोयोटा एफजे-40 लैड क्रूजर, फिएट-500-सी टोपोलिनो इटालियन कार, 1982 की मर्सिडीज बेंज-200, 1934 कैडिलैक-355-डी-7 पैसेंजर इंपीरियल सेडान, 1958 मर्सिडीज बेंज 180 पोंटन बार्न फाइड और 1947 की क्रिसलर विडसर कारें अपनी मनमोहक छवि, विशेषताओं और शाही अंदाज के कारण हर किसी के दिल को छू रही हैं। वहीं आटोमोटिव पेंटिग्स की प्रदर्शनी में भी लोग पहुंच रहे हैं।
विटेज कारों का यह दरबार 26 नवंबर तक सजा रहेगा। उम्मीद की जा रही है कि देश भर से विटेज कारों के मुरीद यहां पहुंचेंगे। प्रदर्शनी में कारों को देखने पहुंचे सतीश नाहर बताते हैं कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के विटेज कारों का बड़ा हब है। दिल्ली-गुरुग्राम ही नहीं देश में जहां कहीं भी विटेज कारों की प्रदर्शनी होती है तो वह वहां अवश्य जाते हैं। पेट्रोल है विटेज कारों का ईंधन
हिस्टारिक आक्शंस के वाइस चेयरमैन मदन मोहन का कहना है कि पुरानी कारों को माडिफाई कराने के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाता है कि इनका ओरिजनल लुक बना रहे। सभी विटेज कारों में ईंधन के रूप में पेट्रोल का इस्तेमाल होता है। एक लीटर पेट्रोल में यह एक से चार किलोमीटर एवरेज देती हैं। इन कारों के शौकीन सप्ताह में कम से कम एक या दो दिन ही दौड़ाते हैं।
