अनिल भारद्वाज, गुरुग्राम

कोरोना संकट में स्वास्थ्य विभाग पर लोगों को संकट से उबारने की बड़ी जिम्मेदारी है। स्वास्थ्य विभाग का एक-एक डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को सुरक्षित रखने में जुटा है। कुछ ऐसे डॉक्टर हैं जिनका कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने में हर पल खतरे का सामना हो रहा है, फिर भी वह अपना कर्तव्य बखूबी निभा रहे हैं।

हम बात कर रहे है डिप्टी सिविल सर्जन व जिला सर्विलांस ऑफिसर डॉ. सुधा गर्ग की। उनकी करीब 54 वर्ष की आयु है। उनके ऊपर करीब 30 लाख की आबादी वाले गुरुग्राम जिले में अलग-अलग जगह बने 1400 बेड के आइसोलेशन सेंटर की देख-रेख के अलावा जहां पर कोरोना ग्रस्त मरीज मिल रहे हैं, उन इलाकों में लोगों की जांच करने व इलाके को सैनिटाइज कराने की जिम्मेदारी है। डॉ. सुधा का कहना है कि कुछ दिनों का संकट है और चला जाएगा। इस संकट की घड़ी में हर किसी को काम करने की जरूरत है और हमारा लक्ष्य मरीजों को जल्द व बेहतर इलाज से कोरोना से बचाना है। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस का खतरा है लेकिन ड्यूटी के आगे सब भूल जाते हैं।

डॉ. सुधा का कहना है कि इस वक्त कोरोना सबसे बड़ा संकट हैं और उससे पार पाने पर काम हो रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि जो लोग कोरोना मरीज के करीब रहे हैं या जमात से होकर आए हैं, वह तुरंत स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर अपने स्वास्थ्य की जांच कराएं।

Posted By: Jagran

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