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जियोस्टैक EODB ऐप: अब एक क्लिक पर मिलेगी हरियाणा की जमीनों की जानकारी, 1.70 करोड़ भूमि रिकॉर्ड हुए डिजिटल

Published: Fri, 30 Oct 2026 12:56 PM (IST)

हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) ने जियोस्टैक ईओडीबी ऐप लॉन्च किया है, जिससे प्रदेश के 23 जिलों, 143 तहसीलों और ...और पढ़ें

हरियाणा में 'जियोस्टैक' ऐप शुरू।

हरियाणा में 'जियोस्टैक' ऐप शुरू।

HighLights

  1. हरसेक ने जियोस्टैक ईओडीबी ऐप लॉन्च किया।

  2. 1.70 करोड़ भूमि रिकॉर्ड एक क्लिक पर उपलब्ध।

  3. जमीन की पहचान, लोकेशन, क्षेत्रफल मापने की सुविधा।

संदीप कुमार, गुरुग्राम। हरियाणा में अब जमीन से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए लोगों को अलग-अलग कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

प्रदेश की जमीनों से संबंधित रिकॉर्ड और भौगोलिक जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध कराने के लिए हरियाणा अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र (हरसेक) ने जियोस्टैक ईओडीबी (ईज आफ डूइंग बिजनेस) एप तैयार किया है।

1.70 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड

इस डिजिटल मंच के माध्यम से जमीन मालिक और आम नागरिक एक क्लिक पर जमीन की पहचान, उसकी भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध भूमि रिकॉर्ड देख सकेंगे। इसके लिए सेटेलाइट से प्राप्त आंकड़ों, डिजिटल मानचित्रों और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआइएस) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।

इस एप में प्रदेश के सभी 23 जिलों, 143 तहसीलों और 7103 गांवों से संबंधित जानकारी को एकीकृत करने की व्यवस्था की गई है। इसके दायरे में 1.70 करोड़ से अधिक भूमि रिकॉर्ड शामिल है।

खसरा नंबर से खोज सकेंगे जमीन

जियोस्टैक एप में खसरा और भूमि के भूखंड (पार्सल) की जानकारी खोजने की सुविधा दी गई है। इसके माध्यम से संबंधित जमीन का उपलब्ध विवरण और उससे जुड़ी मालिकाना जानकारी देखी जा सकेगी।

इसके साथ ही इंटरएक्टिव जीआइएस मानचित्र की सुविधा भी मिलेगी, जिसमें नक्शे पर जमीन की स्थिति और उसकी भौगोलिक पहचान की जा सकेगी। इससे किसी विशेष भूखंड को समझना और उसकी लोकेशन तलाशना आसान होगा।

जमीन का क्षेत्रफल और दूरी भी माप सकेंगे

एप में जीआइएस आधारित मापन की सुविधा भी दी गई है। इसके जरिए जमीन का क्षेत्रफल और दो स्थानों के बीच की दूरी मापी जा सकेगी। भौगोलिक निर्देशांकों के आधार पर भी संबंधित जमीन की पहचान की जा सकेगी।

इसके अलावा प्लेटफार्म पर लाइव सिस्टम ओवरव्यू की सुविधा रखी गई है, जिससे प्रणाली से संबंधित ताजा जानकारी उपलब्ध होगी। मोबाइल पर भी इसका उपयोग किया जा सकेगा।

किसानों से लेकर उद्यमियों तक को होगा फायदा

इस डिजिटल मंच से किसानों को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने में सहूलियत होगी। आम नागरिक किसी संपत्ति की भौगोलिक स्थिति और उपलब्ध रिकॉर्ड देख सकेंगे। वहीं, उद्यमियों को किसी स्थान पर उद्योग या व्यावसायिक गतिविधि शुरू करने से पहले जमीन की स्थिति और लोकेशन का आकलन करने में मदद मिलेगी।

भूमि प्रबंधन और योजनाओं की तैयारी में मिलेगी मदद

हरसेक की इस पहल का उद्देश्य भूमि संबंधी बिखरे हुए आंकड़ों को एक डिजिटल मंच पर लाकर पारदर्शिता बढ़ाना और सरकारी कामकाज को अधिक तथ्य आधारित बनाना है। इससे भूमि प्रबंधन, विकास कार्यों की योजना और विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान में भी मदद मिल सकती है।

'इस पहल का उद्देश्य केवल जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल स्वरूप में उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि आम नागरिकों तक भूमि संबंधी भौगोलिक जानकारी की पहुंच आसान बनाना है। जियोस्टैक को नागरिक केंद्रित डिजिटल मंच के रूप में विकसित किया गया है।'

-डॉ. सुल्तान सिंह, निदेशक हरसेक

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