100 मीटर में 200 से अधिक गड्ढे! ये है हाईटेक सिटी का हाल; आंखें मूंदे बैठा गुरुग्राम प्रशासन
गुरुग्राम-महरौली रोड पर सेक्टर 14 रेड लाइट के पास 100 मीटर में 200 से अधिक गड्ढे हो गए हैं, जिससे ...और पढ़ें
HighLights
सेक्टर 14 रेड लाइट के पास 100 मीटर में 200 से अधिक गड्ढे।
रोजाना दोपहिया वाहन सवार और ऑटो चालक दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे।
जीएमडीए की लापरवाही और भ्रष्टाचार पर स्थानीय लोगों में आक्रोश।
विनय त्रिवेदी, गुरुग्राम। गुरुग्राम में गुरुग्राम-महरौली रोड बदहाली का पर्याय बन गई है। आलम यह है कि सेक्टर 14 रेड लाइट के पास 100 मीटर की सड़क पर 200 से ज्यादा गड्ढे बन गए हैं।
हर दिन दोपहिया वाहन सवार इन गड्ढों में गिरकर चोटिल हो रहे हैं, टेंपो और ई-रिक्शा गड्ढों में फंसकर पलट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग आंखें मूंदे बैठा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस सड़क का लगभग हर साल निर्माण होता है। कभी पैचवर्क, कभी रिपेयरिंग के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन कुछ ही महीनों में सड़क का फिर से बंटाधार हो जाता है।
पिछले साल ही वर्षा के बाद इस सड़क की रिपेयरिंग की गई थी, लेकिन एक साल के अंदर ही सड़क पूरी तरह टूट गई है। इससे निर्माण एजेंसी और प्राधिकरण पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लग रहे हैं। इस सड़क के रखरखाव का जिम्मा जीएमडीए के पास है।
गुरुग्राम महरौली रोड पर बिजली सर्कल कार्यालय के पास बने बड़े गड्ढे और जमा पानी। जागरण
सरकारी दफ्तरों के सामने ही बुरा हाल
इस सड़क की अहमियत इसी से समझी जा सकती है कि इसी पर बिजली सर्कल कार्यालय, पोस्टमार्टम हाउस, महिला विद्यालय और कई अन्य सरकारी दफ्तर स्थित हैं। इसके बावजूद सड़क की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
एमजी रोड, इफको चौकी, महरौली, दिल्ली की तरफ जाने वाले हजारों वाहन रोज इसी सड़क से गुजरते हैं। बीते एक महीने में वर्षा के बाद हालात और बदतर हो गए हैं। सड़क के किनारे और बीच में पानी भरा हुआ है।
जलभराव के कारण एक लेन कुछ समय से लगभग बंद पड़ी है, जबकि दूसरी लेन पूरी तरह से टूटी पड़ी है। गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों को गड्ढों का अंदाजा ही नहीं लग पा रहा, जिससे हादसे बढ़ गए हैं।
लोगों में आक्रोश
यहां से रोज गुजरने वाले लोगों ने कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। लोगों ने जीएमडीए व जिला प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर जल्द सड़क की मरम्मत नहीं हुई तो वे प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
ओल्ड दिल्ली रोड की बदहाली को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। वाहन चालकों से लेकर दुकानदार तक सभी का कहना है कि हर साल रिपेयर के नाम पर खानापूर्ति होती है, लेकिन सड़क कुछ महीने भी नहीं टिकती।
कुछ लोगों ने बताया कि अभी दो दिन पहले ही महिला विद्यालय की एक छात्रा वाहन समेत पानी में गिर गई थी। जिससे उसे चोट लगने के साथ कपड़े भी खराब हो गए थे। बार-बार सडक में गड्ढे क्यों हो रहे हैं, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान क्यों नहीं किया जा रहा है, पिछले साल मरम्मत में कितनी राशि खर्च हुई थी, इस बारे में पक्ष जानने के लिए जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अमित गोदारा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।
लोगों ने कहा- हर साल टूट जाती है सड़क
पिछले साल यहां पैचवर्क हुआ था। मैं पिछले पांच साल से सड़क की यही हालत देख रहा हूं। हर वर्षा में सड़क टूट जाती है। इसे सीमेंटेड बनाना चाहिए, ताकि सड़क लंबे समय तक टिक सके। - संजीत, स्थानीय दुकानदार
यह सड़क काफी खराब है। आटो पलट जाते हैं। बाइक वाले गिर जाते हैं। कई बार मेरे सामने ही वाहन चालक गिर चुके हैं। उन्हें चोटे भी आई हैं। - मनोज, आटो चालक
यह सड़क काफी समय से खराब है। पिछले साल भी रिपेयर हुई थी, लेकिन हर साल खराब हो जाती है।इस बार भी वर्षा में इसकी हालत दयनीय हो गई है। - गोकुल, दुकानदार
एक साल से यही हाल देख रहे हैं, कई बार रिपेयरिंग हो चुकी है। यह सड़क पर रोजाना हजारों लोग गुजरते हैं, लेकिन प्राधिकरण ध्यान नहीं दे रहा। कई बार तो रिक्शा वाले गिर चुके हैं। - सिया प्रसाद, वाहन चालक
यहां गड्ढा होने पर कुछ मिट्टी और रोड़ी डाल दी जाती है, जिससे चलने पर आटो भी टूट रहे हैं। पिछले दिनों ही अंधेरे में एक बाइक सवार गिर गया था। - मनोज कुमार, वाहन चालक
हर बार सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क के रखरखाव का मुद्दा उठाया जाता है। यह तो संबंधित प्राधिकरण को सोचना चाहिए कि सड़क का रखरखाव कैसे किया जाना है। ट्रैफिक पुलिस भी प्राधिकरण को कई बार इसके लिए पत्र लिख चुकी है। लोगों की सुरक्षा के लिए कई बार एडवाइजरी जारी की जाती है। - सत्यपाल यादव, एसीपी ट्रैफिक हाईवे व हेडक्वार्टर
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