गुरुग्राम के मंदिर पर बुलडोजर चलने के बाद पंचायत में फूटा आक्रोश, सैकड़ों ग्रामीण और साधु-संत जुटे
गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर में तोड़फोड़ के बाद ग्रामीणों और साधु-संतों ने पंचायत कर विरोध जताया। ...और पढ़ें

गुरुग्राम मंदिर तोड़फोड़: बाबा बालकनाथ मंदिर पर बुलडोजर के बाद ग्रामीणों और साधु-संतों का आक्रोश।
HighLights
बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर में प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई।
सैकड़ों ग्रामीणों, साधु-संतों और नेताओं ने पंचायत में विरोध जताया।
भूमाफियाओं के इशारे पर कार्रवाई का आरोप, आंदोलन की चेतावनी।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। सेक्टर-50 स्थित गांव आदमपुर झाड़सा बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर में प्रशासन की तोड़फोड़ कार्रवाई के बाद रविवार को लोगों का आक्रोश खुलकर सामने आया। मंदिर परिसर में आयोजित पंचायत में सैकड़ों ग्रामीणों के साथ साधु-संत और कई स्थानीय नेता पहुंचे। मंदिर, गोशाला और संतों की समाधियां तोड़े जाने को लेकर लोगों ने प्रशासन के विरुद्ध नाराजगी जताई।
पंचायत की अध्यक्षता गांव झाड़सा के बुजुर्ग चौधरी छतर सिंह ने की। इस दौरान झाड़सा 360 गांवों के प्रधान चौधरी महेंद्र ठाकरान सहित आसपास के गांवों के ग्रामीण और साधु-संत मौजूद रहे। पंचायत में निर्णय लिया गया कि सोमवार सुबह सभी लोग जिला उपायुक्त से मुलाकात कर प्रशासन की कार्रवाई पर अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी गई।
शुक्रवार को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में करीब 16 घंटे तक चली कार्रवाई में शिव मंदिर को छोड़कर परिसर के पांच अन्य मंदिर, गोशाला और समाधि समेत कई निर्माण ध्वस्त कर दिए गए थे। बाबा बालकनाथ और बाबा भुरूनाथ की समाधि को भी क्षतिग्रस्त किए जाने की बात ग्रामीणों ने कही।
मंदिर में स्थापित मूर्तियों को दूसरे मंदिरों में भेजा गया, जबकि गोशाला में मौजूद करीब 35 गाय और बछड़ों को कार्टरपुरी स्थित गोशाला भेज दिया गया। पंचायत में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को गुमराह कर भूमाफियाओं के इशारे पर यह कार्रवाई कराई गई। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे मंदिर की जमीन और धार्मिक स्थल को लेकर आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।
भूमाफिया के प्लाट के चक्कर में मंदिर तोड़ने का आरोप
गांव झाड़सा के प्रदीप जेलदार ने आरोप लगाया कि एक भूमाफिया के प्लाट के चक्कर में बाबा बालकनाथ मंदिर को तोड़ने का षड्यंत्र रचा गया। उन्होंने कहा कि समाधि में बाबा बालकनाथ का पार्थिव शरीर है। अधिकारियों से हाथ जोड़कर समाधि नहीं तोड़ने की अपील की गई, लेकिन ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने उनकी बात नहीं सुनी।
जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कुलभूषण भारद्वाज ने बादशाहपुर के विधायक एवं प्रदेश सरकार में उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह से भी सवाल किया। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें लगता है कि उनके क्षेत्र में गलत हो रहा है तो उन्हें मुख्यमंत्री से मिलकर पूरी बात रखनी चाहिए। मुख्यमंत्री को बताया जाना चाहिए कि मंदिर और गोशाला को गलत तरीके से तोड़ा गया है।
वजीराबाद गांव के सूबे सिंह बोहरा ने कहा कि सत्तारूढ़ नेताओं ने अहंकार में यह काम किया है। तिगरा गांव के सतबीर तंवर ने कहा कि अधिकारी नियंत्रण से बाहर हो रहे हैं और उन्हें काबू करना पड़ेगा। अधिवक्ता सूबे सिंह ने कहा कि बाबा बालकनाथ मंदिर करीब 200 साल पुराना और ऐतिहासिक स्थल है। इतने पुराने धार्मिक स्थल को नहीं तोड़ा जाना चाहिए था। पंचायत में पूर्व पार्षद हेमंत सेन, दलबीर कल्होड़, सुरेंद्र ठाकरान सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
हिंदू क्रांति दल ने भी जांच की मांग की
बाबा बालकनाथ मंदिर परिसर, गोशाला और संतों की समाधियां हटाए जाने को लेकर हिंदू क्रांति दल ने भी प्रशासन के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया है। संगठन के युवा मोर्चा, हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप गौतम ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थल क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आस्था से जुड़ा था। संगठन ने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और कार्रवाई में किसी अधिकारी, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आने पर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
पंचायत की प्रमुख मांगें
- बाबा बालकनाथ मंदिर की जमीन मंदिर प्रबंधन को वापस सौंपी जाए।
- बाबा बालकनाथ और बाबा भुरूनाथ की समाधियां दोबारा बनवाई जाएं।
- युवकों के विरुद्ध दर्ज मुकदमे वापस लिए जाएं।
- भूमाफियाओं के इशारे पर हुई तोड़फोड़ की जांच कर दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।
- मंदिर और गोशाला को दोबारा स्थापित किया जाए।
कुछ भूमाफिया टाइप के नेताओं के इशारे पर मंदिर परिसर में तोड़फोड़ की गई है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और जिसकी भी भूमिका सामने आए, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए। इस बारे में वह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात करेंगे। लोगों ने जो मांगें उठाई हैं, उनके ऊपर तत्काल सरकार को विचार करना चाहिए। - महंत बाबा बालकनाथ याेगी, विधायक तिजारा व पूर्व सांसद अलवर
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