स्मार्ट होंगी गुरुग्राम की 6 प्रमुख सड़कें, डिजिटल बोर्ड बताएंगे जाम का हाल; बटन दबाते ही मिलेगी मदद
गुरुग्राम की छह प्रमुख सड़कें स्मार्ट मॉडल रोड के रूप में विकसित की जाएंगी, जहां डिजिटल बोर्ड, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
छह प्रमुख सड़कें स्मार्ट मॉडल रोड में होंगी विकसित।
डिजिटल बोर्ड देंगे ट्रैफिक और वैकल्पिक रास्तों की जानकारी।
इमरजेंसी कॉल प्वाइंट से मिलेगी पुलिस की मदद।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। साइबर सिटी की छह मुख्य सड़कों पर अब ट्रैफिक व्यवस्था स्मार्ट तकनीक से संचालित करने की तैयारी है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इन मार्गों को स्मार्ट माडल रोड के रूप में विकसित करेगा।
यहां डिजिटल मैसेज बोर्ड, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम और इमरजेंसी काल प्वाइंट लगाए जाएंगे। इन सभी प्रणालियों को जीएमडीए के आप्टिकल फाइबर नेटवर्क और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था से जोड़ा जाएगा। पूरे सिस्टम की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) से 24 घंटे की जाएगी।
जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के प्रथम चरण में एमजी रोड (इफको चौक से गोल्फ कोर्स रोड), हैमिल्टन कोर्ट रोड, व्यापार केंद्र रोड, अतुल कटारिया चौक से सिग्नेचर टावर, राजीव चौक से बख्तावर चौक (मेदांता रोड) और हीरो होंडा चौक से सेक्टर-29 तक के मार्ग को शामिल किया गया है।
इन सड़कों पर स्मार्ट सिस्टम स्थापित होने के बाद ट्रैफिक प्रबंधन के साथ नागरिकों को रियल टाइम सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित होगी।
जाम लगा तो डिजिटल बोर्ड बताएगा वैकल्पिक रास्ता
स्मार्ट माडल रोड पर वेरिएबल मैसेज साइनबोर्ड (वीएमएस) लगाए जाएंगे। इन पर जरूरत के अनुसार तत्काल संदेश बदला जा सकेगा। किसी मार्ग पर जाम लगने या ट्रैफिक डायवर्जन होने पर वाहन चालकों को इसकी जानकारी दी जाएगी।
साथ ही वैकल्पिक रास्ते भी डिजिटल बोर्ड पर प्रदर्शित किए जा सकेंगे। खराब मौसम, सड़क पर किसी बाधा या आपात स्थिति से संबंधित सूचना भी रियल टाइम में प्रसारित की जा सकेगी।
मुसीबत में बटन दबाते ही पुलिस से संपर्क
माडल रोड के सार्वजनिक स्थानों पर इमरजेंसी काल प्वाइंट (ईसीपी) लगाए जाएंगे। दुर्घटना, सुरक्षा संबंधी खतरे या किसी अन्य आपात स्थिति में नागरिक ईसीपी का बटन दबाकर पुलिस कंट्रोल रूम अथवा आइसीसीसी से सीधे संपर्क कर सकेंगे।
रात में इनकी पहचान आसानी से हो सके, इसके लिए फ्लैशिंग रेड लाइट और रिफ्लेक्टिव संकेत लगाए जाएंगे। इससे आपात स्थिति में मदद के लिए मोबाइल फोन निकालने की जरूरत नहीं होगी।
चौराहे से बाजार तक एक साथ होगी घोषणा
महत्वपूर्ण चौराहों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (पीएएस) भी लगाया जाएगा। आइसीसीसी से किसी एक स्थान पर या जरूरत पड़ने पर सभी स्थानों पर एक साथ घोषणा की जा सकेगी। ट्रैफिक, सुरक्षा और आपदा से जुड़े संदेश तत्काल प्रसारित किए जा सकेंगे।
किसी घटना की स्थिति में लोगों तक जरूरी सूचना तेजी से पहुंचाने में यह सिस्टम मददगार होगा।
टेंडर के बाद चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य
जीएमडीए के अधिकारियों के अनुसार, टेंडर आवंटित होने के बाद स्मार्ट माडल रोड परियोजना को करीब चार महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने के बाद छह प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक प्रबंधन, सूचना प्रसारण और आपातकालीन सहायता के लिए एकीकृत स्मार्ट व्यवस्था विकसित हो सकेगी।
