गुरुग्राम: बंद मोबाइल नंबर रीसाइकिल होते ही बुजुर्ग के खाते से 32 लाख उड़े, दिल्ली से 4 आरोपी गिरफ्तार
गुरुग्राम में एक बुजुर्ग का बंद मोबाइल नंबर रीसाइकिल होकर दूसरे व्यक्ति को अलॉट होने से 32.10 लाख रुपये की ठगी हुई।
-1790481566599_m.webp)
बुजुर्ग के खाते से 32.10 लाख रुपये उड़ाए। AI जनरेटेड
HighLights
बंद मोबाइल नंबर रीसाइकिल होने से हुआ फ्रॉड।
बैंक ट्रांजेक्शन मैसेज देख आरोपियों ने की ठगी।
32.10 लाख रुपये उड़ाए, चार आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम में एक बुजुर्ग का बंद मोबाइल नंबर रीसाइकिल होकर दूसरे व्यक्ति को अलॉट होना भारी पड़ गया। व्यक्ति ने जब बैंक ट्रांजेक्शन मैसेज देखे तो वह लालच में आ गया। उसने साथियों के साथ उसी नंबर का फायदा उठाकर खाते से 32.10 लाख रुपये उड़ा दिए।
वहीं, साइबर थाना पूर्व पुलिस ने शनिवार रात मामले में चार आरोपियों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
लाखों रुपये के लेनदेन
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर को एक महिला ने शिकायत दी कि उसके ससुर के बैंक खाते से 7 मार्च से 2 जून के बीच लाखों रुपये के अनधिकृत लेनदेन हुए हैं। बैंक से पता चला कि उनके खाते पर नया डेबिट कार्ड जारी हुआ है, जिसके लिए उन्होंने कभी आवेदन ही नहीं किया था।
साथियों की नियत बिगड़ी
उधर, जांच में सामने आया कि खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर लंबे समय से बंद था। टेलीकॉम कंपनी ने वह नंबर कालकाजी निवासी कुणाल कश्यप को अलॉट कर दिया। उस नंबर पर खाते के ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे तो कुणाल और उसके साथियों की नियत बिगड़ गई।
आरोपियों ने उस नंबर से खाते की नेट बैंकिंग चालू कर ली और नया एटीएम कार्ड अप्लाई कर दिया। शातिरों ने कोरियर पर नजर रखी और शिकायतकर्ता के घर के बाहर पहुंचकर डाकिये से पहले ही एटीएम कार्ड रिसीव कर लिया।
इसके बाद उसी कार्ड से शॉपिंग और कैश निकासी कर 32 लाख रुपये उड़ा दिए। पैसों से उन्होंने 10 चांदी के सिक्के, सोने की बाली और दो आईफोन खरीद लिए।
पुलिस ने कालकाजी निवासी कुणाल कश्यप, अंकित, तुगलकाबाद एक्सटेंशन निवासी मोहम्मद साहिल और आशा किरण अपार्टमेंट निवासी संगीता को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से खरीदे गए सिक्के, बाली और फोन बरामद किए गए हैं। मामले में पूछताछ की जा रही है।
