गुरुग्राम में मौत का बदला लेने के लिए लिखी 2 कत्ल की स्क्रिप्ट, पिता की हत्या; फायर मिस होने से बेटा बचा
गुरुग्राम में 2025 की एक हत्या का बदला लेने के लिए महेंद्र और उसके बेटे की हत्या की साजिश रची ...और पढ़ें

ग्रुरुग्राम पुलिस ने हत्या आरोपियों को पकड़ा। फोटो: जागरण
HighLights
पुरानी रंजिश में महेंद्र और बेटे की हत्या की साजिश
हमलावरों ने महेंद्र की हत्या की, बेटा गोली लगने से बचा
पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर साजिश का पर्दाफाश किया
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। एक हत्या का बदला लेने के लिए आरोपितों ने दो कत्ल की पटकथा तैयार की थी। निशाने पर थे बसई निवासी 39 वर्षीय महेंद्र और उसका बेटा।
योजना थी कि दोनों को रास्ते से हटा दिया जाए, लेकिन बसई रोड पर एनके फैक्ट्री के पास हमलावर केवल महेंद्र की हत्या कर सके। फायर मिस होने से बेटे की जान बच गई।
पुलिस ने शुक्रवार को साजिश का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। वर्ष 2025 में हुई हत्या की रंजिश इस हत्याकांड की मुख्य वजह रही।
आरोपितों की पहचान बरेली के गांव पूरनपुर निवासी देव शर्मा उर्फ केमटी, बसई निवासी अंकित उर्फ बंटी व लखीसराय जिले के खुटाहा गांव निवासी उत्सव के रूप में हुई है।
गुरुवार सुबह करीब 9:20 बजे महेंद्र अपने बेटे के साथ बाइक से सदर बाजार जा रहा था। कृष्णा नगर के पास एनके फैक्ट्री के नजदीक पीछे से बाइक पर तीन युवक पहुंचे।
एक युवक ने महेंद्र को गोली मार दी। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया।अस्पताल में चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बेटे की शिकायत पर सेक्टर-9ए थाना पुलिस ने हत्या, साजिश और आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया।
बेटे की हत्या का बदला लेने के लिए रची साजिश
पुलिस आयुक्त कार्यालय में पत्रकारवार्ता के दौरान एसीपी नवीन शर्मा ने बताया कि जांच में पुलिस को पता चला कि गिरफ्तार आरोपित आगरा जिले के गांव बिप्रावली निवासी प्रवीण पारासर हाल पता देवीलाल कालोनी, गुरुग्राम के दूसरे बेटे पर्व उर्फ बडी की वर्ष 2025 में हत्या हुई थी।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में महेंद्र का बेटा भी शामिल था। इसी रंजिश में प्रवीण और उसके बेटे पर्नव ने बदला लेने की ठानी। दोनों ने देव शर्मा, अंकित और उत्सव को साथ मिलाकर महेंद्र और उसके बेटे की हत्या की योजना बनाई।
पुलिस के अनुसार, साजिश को अंजाम देने के लिए हथियार और रुपये उपलब्ध कराए गए। इसके बाद महेंद्र और उसके बेटे की गतिविधियों पर नजर रखी गई।
मौका मिलने पर दोनों को निशाना बनाने की योजना थी। हमलावरों ने महेंद्र को गोली मार दी, लेकिन फायर मिस होने से उसका बेटा बच गया। वारदात के दौरान देव शर्मा द्वारा गोली चलाने की बात पूछताछ में सामने आई है।
भागते समय गड्ढे में गिरने से देव और अंकित की टांग टूटी
सेक्टर-10 अपराध शाखा ने गुरुवार को प्रवीण पारासर और उसके बेटे पर्नव पारासर उर्फ छोटी को गिरफ्तार किया। वहीं सेक्टर-40 अपराध शाखा की टीम ने शुक्रवार को देव शर्मा उर्फ केमटी, अंकित उर्फ बंटी और उत्सव को गिरफ्तार किया।
गढ़ी हरसरू के पास पुलिस ने आरोपितों को घेर लिया। पुलिस से बचने के लिए वे बाइक छोड़कर भागने लगे। भागते समय गड्ढे में गिरने से देव और अंकित की टांग टूट गई।
पुलिस ने उनके कब्जे से देशी कट्टा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। पुलिस वर्ष 2025 की हत्या और वर्तमान हत्याकांड के बीच पूरी कड़ी तथा साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
