फ्लैट मिलने में देरी पर 'हरेरा' का बड़ा फैसला, नया गुरुग्राम के काव्यम प्रोजेक्ट के 26 खरीदारों को 10.8% ब्याज देगा बिल्डर
नया गुरुग्राम के सेक्टर-108 स्थित काव्यम अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजना के 26 खरीदारों को हरेरा गुरुग्राम ने बड़ी राहत दी है। ...और पढ़ें
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प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम ने राहत दी। AI जनरेटेड
HighLights
काव्यम खरीदारों को हरेरा गुरुग्राम से मिली बड़ी राहत।
बिल्डर को कब्जे में देरी पर 10.8% ब्याज देना होगा।
प्राधिकरण ने बिल्डर के सभी तर्कों को अस्वीकार किया।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। नया गुरुग्राम में सेक्टर-108 स्थित काव्यम अफोर्डेबल हाउसिंग परियोजना के 26 खरीदारों को हरियाणा रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (हरेरा) गुरुग्राम ने राहत दी है।
प्राधिकरण ने बिल्डर अग्रांते रियल्टी लिमिटेड को फ्लैटों का कब्जा देने में देरी के लिए 10.8 प्रतिशत सालाना की दर से ब्याज देने का आदेश दिया है।
29 सितंबर 2026 को जारी आदेश में प्राधिकरण ने 26 शिकायतों का निपटारा करते हुए कहा कि बिल्डर तय समय में खरीदारों को फ्लैटों का कब्जा देने में असफल रहा। बिल्डर को 20 अगस्त 2023 से कब्जे की पेशकश के दो महीने बाद तक या वास्तविक कब्जा सौंपने तक, जो भी पहले हो, ब्याज देना होगा।
प्राधिकरण ने ब्याज की बकाया राशि 90 दिनों के भीतर चुकाने और आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही बिल्डर को इमारत का ओक्यूपशन सर्टिफिकेट प्राप्त करने के बाद फ्लैटों का कब्जा देने और खरीदारों के नाम प्रोपर्टी ट्रांसफर संबंधी दस्तावेज तैयार करने को कहा है।
कोविड और प्रदूषण का तर्क नहीं माना
सुनवाई के दौरान बिल्डर ने कोरोना महामारी, मजदूरों और निर्माण सामग्री की कमी, वायु प्रदूषण के कारण निर्माण पर रोक, ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) की पाबंदियों और सरकारी मंजूरी में देरी को निर्माण में देरी का कारण बताया था।
बिल्डर ने कोरोना से प्रभावित अवधि और ग्रैप के कारण निर्माण बंद रहने के 129 दिनों को समय सीमा से बाहर रखने की मांग की थी। हालांकि, प्राधिकरण ने इन तर्कों को स्वीकार नहीं किया।
प्राधिकरण ने 20 अगस्त 2019 को मिली पर्यावरण मंजूरी से चार साल की अवधि के आधार पर कब्जे की अंतिम तारीख 20 अगस्त 2023 मानी। आदेश के अनुसार, परियोजना का ओक्यूपशन सर्टिफिकेट नहीं लिया गया था और खरीदारों को कब्जे की पेशकश भी नहीं की गई थी।
प्राधिकरण ने बिल्डर को खरीदारों के साथ हुए समझौते में स्पष्ट रूप से शामिल नहीं की गई राशि मांगने से रोक दिया है। साथ ही कब्जे की पेशकश से पहले की अवधि का रखरखाव शुल्क वसूलने की अनुमति भी नहीं दी गई है।
