गुरुग्राम में धूल प्रदूषण नियंत्रण, अधिकारियों को मिली जोनवार निगरानी की जिम्मेदारी
गुरुग्राम नगर निगम ने धूल प्रदूषण नियंत्रण और सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को जोनवार ...और पढ़ें

गुरुग्राम में धूल प्रदूषण नियंत्रण ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
वरिष्ठ अधिकारियों को धूल नियंत्रण निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई।
निगमायुक्त स्वयं जोन 1 व 2 की निगरानी करेंगे।
सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान का क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।
संदीप कुमार, गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम में सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के क्रियान्वयन और धूल नियंत्रण उपायों की निगरानी के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को विभिन्न जोन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आदेश के अनुसार, जोन -एक व जोन -दो की निगरानी निगमायुक्त स्वयं करेंगे। वहीं अतिरिक्त निगमायुक्त अंकिता चौधरी जोन -3 व जोन -4, अतिरिक्त निगमायुक्त यश जालुका जोन -5 व जोन -6 तथा अतिरिक्त निगमायुक्त रविंद्र यादव सभी जोन में हॉर्टिकल्चर संबंधी कार्यों की निगरानी करेंगे।
पूरी स्थिति की होगी समीक्षा...
इस व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्रों में सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के अंतर्गत किए गए कार्यों और धूल नियंत्रण उपायों की स्थिति की समीक्षा करेंगे।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निगरानी के दौरान सीएक्यूएम सिटी एक्शन प्लान के अंतर्गत पुनर्विकसित की गई सड़कों का सत्यापन किया जाएगा। साथ ही, इन सड़कों पर धूल नियंत्रण के लिए लागू किए गए उपायों का भी आकलन किया जाएगा।
अतिरिक्त निगमायुक्त रविंद्र यादव को सभी जोन में हॉर्टिकल्चर संबंधी कार्यों की समीक्षा एवं सत्यापन की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रदूषण को नियंत्रित करने में अहम कदम
आदेश में चीफ इंजीनियर तथा संबंधित इंजीनियरिंग अधिकारियों को निगरानी करने वाले अधिकारियों को आवश्यक रिकार्ड, तकनीकी सहायता और अन्य जरूरी सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार, यह आदेश शहर में धूल प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की निगरानी को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
जोनवार जिम्मेदारियां निर्धारित होने से सड़कों के पुनर्विकास, धूल नियंत्रण उपायों, हॉर्टिकल्चर कार्यों, तालाबों के पुनरुद्धार और वर्षा जल संचयन से संबंधित कार्यों की समीक्षा के लिए स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित की गई है।
आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए है। नगर निगम के संबंधित अधिकारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार निगरानी, सत्यापन और आवश्यक तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करना होगा।
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