गुरुग्राम में पर्यावरण सुधार और जल संरक्षण पर नगर निगम का फोकस, 113 तालाबों का होगा कायाकल्प
गुरुग्राम नगर निगम जल संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने पर केंद्रित है, जिसमें तालाबों का पुनरुद्धार, वर्षा जल संचयन और ...और पढ़ें
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प्रतीकात्मक तस्वीर, एआई जेनरेटेड।
HighLights
113 तालाबों का विकास किया जाएगा, 32 का कार्य पूरा।
277 वर्षा जल संचयन संरचनाएं स्वीकृत, 145 का निर्माण पूरा।
312 पार्कों तक उपचारित जल पहुंचेगा, ताजे पानी की बचत होगी।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। शहर में जल संरक्षण और हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए नगर निगम ने तालाबों के पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन और पार्कों में उपचारित जल के इस्तेमाल पर फोकस किया है।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में बताया गया कि वित्त वर्ष 2024-25 से 2026-27 तक बागवानी कार्यों के लिए 247.13 करोड़ रुपये की स्वीकृतियां दी गई हैं।
32 तालाबों का विकास पूरा
शहर में 113 नगर निगम तालाबों का विकास किया जाएगा, जबकि 277 माड्यूलर वर्षा जल संचयन संरचनाओं को मंजूरी दी गई है। नगर निगम सीमा में 140 तालाब चिह्नित किए गए हैं, जिनमें 113 निगम के स्वामित्व में हैं। इनमें 32 तालाबों का विकास पूरा हो चुका है, जबकि 21 पर काम चल रहा है। शेष 60 तालाबों का विकास किया जाना है।
पहले 30 तालाबों के विकास का लक्ष्य दिसंबर 2027 और अन्य 30 का दिसंबर 2028 रखा गया है। निगमायुक्त ने अतिक्रमण संबंधी समस्याएं दूर करने और तालाबों के सीमांकन के लिए ड्रोन सर्वे कराने के निर्देश दिए।
145 वर्षा जल संचयन संरचनाएं पूरी
वर्षा जल संचयन के लिए स्वीकृत 277 माड्यूलर संरचनाओं पर 43.44 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इनमें से 145 का निर्माण पूरा हो चुका है और 81 पर काम जारी है।
इनकी कुल स्वीकृत क्षमता 19,420 घन मीटर है। इसके अलावा 443 पारंपरिक वर्षा जल संचयन संरचनाओं के रखरखाव और पुनर्सक्रियकरण का भी कार्य किया जा रहा है।
312 पार्कों तक पहुंचेगा उपचारित जल
पार्कों में ताजे पानी की खपत घटाने के लिए फिलहाल 49.80 किलोमीटर पाइपलाइन से 142 पार्कों को उपचारित जल उपलब्ध कराने की व्यवस्था है। प्रस्तावित विस्तार के तहत 55.15 किलोमीटर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाकर 170 और पार्कों को जोड़ा जाएगा।
इसके बाद नेटवर्क 104.95 किलोमीटर और कवरेज 312 पार्कों तक पहुंचने का अनुमान है। इससे सालाना लगभग 1,138.8 मिलियन लीटर ताजे पानी की बचत संभव है।
चार लाख झाड़ीनुमा पौधे लगाए
नगर निगम क्षेत्र में स्थापित 49 माइक्रो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट में से 44 चालू हैं। इनकी कुल क्षमता 2,025 किलोलीटर प्रतिदिन है। वहीं, पौधरोपण अभियान के तहत चार लाख झाड़ीनुमा पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है। 66 हजार पेड़ लगाने के लक्ष्य के मुकाबले निगम और वन विभाग ने कुल 64,500 पेड़ लगाए हैं।
मशीनरी पर दिया जा रहा जोर
बागवानी कार्यों के लिए 10 ट्रक-माउंटेड एंटी-स्माग गन, 40 ट्रैक्टर, 40 ट्रेलर, आठ ट्री-प्रूनिंग प्लेटफार्म और 40 श्रेडर खरीदे गए हैं। इसके अतिरिक्त नौ सीएनजी एंटी-स्माग गन और दो रोड वाशर के लिए वर्क आर्डर जारी किए गए हैं।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि तालाबों का पुनर्जीवन, वर्षा जल संचयन, उपचारित जल का उपयोग और आधुनिक मशीनरी के माध्यम से शहर में पर्यावरण सुधार और हरित क्षेत्रों के विस्तार को गति दी जाएगी।
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