गुरुग्राम अपहरण कांड में खुलासा, चार लोगों ने साजिश रचकर की थी वारदात; मुख्य आरोपी के पिता बरेली से गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने सिकंदरपुर से ऑटो चालक और उसके दो बेटों के अपहरण मामले में मुख्य आरोपी मनमोहन के पिता ...और पढ़ें
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सांकेतिक तस्वीर। सौजन्य- AI Generated
HighLights
गुरुग्राम अपहरण मामले में बरेली से एक आरोपित को गुरुग्राम लेकर आई पुलिस
सिकंदरपुर पहाड़ी मंदिर के पास से ऑटो चालक और दो बेटों का अपहरण किया गया था
चार लोगों ने साजिश रचकर की थी वारदात, अपने साथ बरेली ले गए थे, इसमें से तीन की मौत हो चुकी
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। डीएलएफ फेस एक थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर पहाड़ी हनुमान मंदिर गए ऑटो चालक और उसके दो बेटों को अगवा करने के मामले में मुख्य आरोपित मनमोहन के पिता नत्थू को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। बरेली गई पुलिस टीम आरोपित को बुधवार को ट्रांजिट रिमांड पर गुरुग्राम ले आई। फिलहाल उससे अपहरण के मामले में पूछताछ की जा रही है।
मूल रूप से बरेली के टांडा सिकंदरपुर गांव की रहने वाली पूजा ने शनिवार रात डीएलएफ फेस एक थाना पुलिस को ऑटो चालक पति मनोज कुमार और दो बेटों लक्ष्य व मयूर के संदिग्ध परिस्थितियों में अपहरण होने की शिकायत दी थी। पता चला कि टांडा सिकंदरपुर गांव के रहने वाले मनमोहन, उसके साथी पीलीभीत निवासी सिकंदर, रामपुर निवासी विशेष कुमार और प्रिंस कुमार ने इन तीनों का अपहरण किया था और अपने साथ हथियार के बल पर बोलेरो गाड़ी से बरेली ले गए थे।
दोनों बच्चों के बार-बार चीखने डर गया आरोपी
मनमोहन ने मनोज व बच्चों को गांव में बंधक बनाकर रखा। वहां दोनों बच्चों के बार-बार चीखने-रोने पर उसे लगा कि फंस जाएगा। ऐसे में रविवार रात दोनों बच्चों को आरोपित गुरुग्राम के पास छोड़ने आ रहे थे। बीच रास्ते में ही बरेली के पास खड़े टैंकर से इनकी गाड़ी हादसाग्रस्त हो गई। इसमें दोनों बच्चे बच गए और मनमोहन, सिकंदर व विशेष की मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक प्रिंस घायल हो गया। फिलहाल उसका इलाज बरेली के अस्पताल में चल रहा है।
गुरुग्राम पुलिस टीम ने ऑटो चालक मनोज व दोनों बेटों को कानूनी कार्रवाई के बाद बरेली में ही पत्नी पूजा को सौंप दिया। वहीं प्रिंस के अस्पताल में भर्ती होने के कारण उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। अपहरण के मामले में संलिप्तता पाए जाने पर पुलिस ने मनमोहन के पिता नत्थू को गिरफ्तार कर लिया। इसे गुरुवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
गुरुग्राम में ही थी मनोज की हत्या की साजिश
आरोपित नत्थू 15 वर्षों से मनोज की बड़ी बहन के साथ लिव-इन में रह रहा था। इसलिए मनमोहन का मनोज के घर आना-जाना था। अक्टूबर 2025 में गुरुग्राम आने के दौरान मनमोहन, मनोज की नाबालिग रिश्तेदार को अपने साथ भगा ले गया और वह उससे शादी करना चाहता था। मनोज इसका विरोध कर रहा था, इसलिए मनमोहन ने मनोज की हत्या की साजिश रची थी।
आरोपित मनोज की हत्या गुरुग्राम के ही आसपास करना चाहते थे। मनमोहन व उसके तीन साथी मनोज की तीन दिनों से रेकी कर रहे थे। एक जानकार के माध्यम से आरोपितों ने मनोज को मंदिर के पास बुलाया। हालांकि, मनोज अपने साथ दोनों बच्चों को ले गया। इसलिए उन्होंने तुरंत उसकी अपहरण की साजिश रची और अपने साथ बरेली ले गए थे।
