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सर्दी ने बढ़ाई टेंशन, गुरुग्राम के अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की संख्या, ओपीडी फुल

Published: Wed, 28 Oct 2026 09:14 AM (IST)

गुरुग्राम में बदलते मौसम के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ गई है, खासकर रात की ठंड बढ़ने से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां बढ़ी हैं।

बदलते मौसम से गुरुग्राम में बढ़ी मरीजों की भीड़ ( एआई जेनरेटेड इमेज )

बदलते मौसम से गुरुग्राम में बढ़ी मरीजों की भीड़ ( एआई जेनरेटेड इमेज )

HighLights

  1. गुरुग्राम में मौसम बदलने से मरीजों की संख्या में वृद्धि।

  2. जिला अस्पताल में मंगलवार को 2,722 मरीज पहुंचे।

  3. सामान्य मेडिसिन, श्वास रोग विभाग में सर्वाधिक भीड़।

वरूण त्रिवेदी, गुरुग्राम। दिन में हल्की गर्मी और सुबह-शाम ठंड का एहसास। मौसम का यही बदलता मिजाज अब लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। रात के तापमान में गिरावट के बीच स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों को लेकर लोग अस्पतालों का रुख कर रहे हैं।

सर्दी के दस्तक के साथ बढ़ी मरीजों की संख्या

सेक्टर-10 स्थित जिला नागरिक अस्पताल में मंगलवार को विभिन्न विशेषज्ञताओं की ओपीडी में कुल 2,722 मरीज पहुंचे। इनमें सामान्य मेडिसिन और श्वास रोग विभाग में मरीजों की ज्यादा संख्या रही।

अस्पताल की ओपीडी के आंकड़ों के मुताबिक, सामान्य मेडिसिन ओपीडी में सबसे अधिक 389 मरीज पहुंचे। श्वास रोग विभाग में 272 और त्वचा रोग विभाग में 214 मरीजों ने परामर्श लिया।

फ्लू क्लीनिक में 200 मरीज पहुंचे, जबकि ईएनटी विभाग में 134 मरीजों की ओपीडी दर्ज की गई। आपातकालीन विभाग में 174 मरीज और नेत्र रोग विभाग में 314 मरीज उपचार के लिए पहुंचे।

सुबह-शाम की ठंड में सावधानी जरूरी 

वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. काजल कुमुद के मुताबिक, मौसम में बदलाव के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव शरीर पर असर डाल सकता है। सुबह और शाम बाहर निकलते समय गर्म कपड़े पहनना, ठंडी हवा से बचना और पर्याप्त पानी पीना जरूरी है।

उनके मुताबिक, बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। लगातार खांसी, बुखार या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।


बदलते मौसम में मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसे में डाक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। ताकि बिना किसी अव्यवस्था के मरीजों को समुचित उपचार मुहैया कराया जा सके। अस्पताल दवाओं का पर्याप्त स्टाक भी मौजूद है। - डॉ नीना गठवाल, पीएमओ, जिला नागरिक अस्पताल, सेक्टर-10

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