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सपनों का घर बनाने में लिया कर्ज, अब चुकाने की चिंता, मुंगेर में PM आवास की किस्त अटकी, BDO ने दिए जांच के आदेश

Published: Wed, 28 Oct 2026 09:03 AM (IST)

मुंगेर के जमालपुर प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना की किस्तें अटकने से लाभार्थी कर्ज में डूब गए हैं और पलायन ...और पढ़ें

पीएम आवास योजना के तहत निर्माणाधीन भवन. जागरण

पीएम आवास योजना के तहत निर्माणाधीन भवन. जागरण

HighLights

  1. जमालपुर में PM आवास की किस्तें अटकीं।

  2. लाभार्थी कर्ज में डूबे, पलायन को मजबूर।

  3. कमीशनखोरी के आरोपों पर बीडीओ ने जांच के आदेश दिए।

संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। Munger Pradhan Mantri Awas Yojana Installment Delay:प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की सरकारी मुहिम जमालपुर प्रखंड में प्रशासनिक सुस्ती और कथित कमीशनखोरी की भेंट चढ़ती दिख रही है।

प्रखंड क्षेत्र के दर्जनों लाभुकों को अपने मकान का निर्माण कार्य पूरा करा लेने के बावजूद दूसरी और तीसरी किस्त की राशि अब तक निर्गत नहीं की गई है। सरकारी सहायता की आस में साहूकारों से कर्ज लेकर आशियाना बनाने वाले गरीब परिवार अब कर्ज के बोझ तले दबते जा रहे हैं, और स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि उन्हें कर्ज चुकाने के लिए मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है।

लाभुकों का कहना है कि वे बकाया राशि के भुगतान के लिए महीनों से प्रखंड कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें कोरा आश्वासन देकर वापस भेज दिया जाता है। आर्थिक संकट से उबरने और बकाए की भरपाई के लिए कई परिवारों के पुरुष सदस्य रोजी-रोटी और मजदूरी के लिए परदेस पलायन करने को विवश हैं।

पांच पंचायतों में ठप पड़ा है किस्तों का भुगतान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जमालपुर प्रखंड क्षेत्र की इंदरुख पूर्वी, इंदरुख पश्चिमी, रामपुर कला तथा पाटम पूर्वी और पाटम पश्चिमी पंचायतों से आवास योजना की किस्तों का भुगतान लंबित रहने की सबसे अधिक शिकायतें सामने आ रही हैं।

योजना का मुख्य उद्देश्य बेघर और गरीब परिवारों को पक्की छत देना था, लेकिन समय पर किस्तों का भुगतान न होने से लाभुकों के सामने जीवन-यापन का संकट खड़ा हो गया है।

कमीशनखोरी और रिश्वत मांगने के गंभीर आरोप

पीड़ित लाभुकों— उर्मिला देवी, उमेश कुमार, मुकेश कुमार और आशीष कुमार ने व्यवस्था पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए पंचायत के आवास सहायक, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और बिचौलियों पर सीधा आरोप लगाया है।

उनका कहना है कि कथित कमीशन और रिश्वत की राशि न देने के कारण ही उनकी दूसरी और तीसरी किस्त की फाइल को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। लाभुकों का दावा है कि बिना 'चढ़ावा' दिए योजना की राशि मिलना असंभव हो गया है (हालांकि रिश्वत मांगने के इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है)।

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"प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी लंबित किस्तों की राशि का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाएगा। यदि प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर किसी प्रकार की गड़बड़ी या अनियमितता पाई जाती है, तो मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने वाले कर्मियों या बिचौलियों के विरुद्ध सख्त कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।"

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— श्वेता कुमारी, (प्रखंड विकास पदाधिकारी), जमालपुर