गुरुग्राम अस्पताल में तोड़फोड़: एमआरआई जांच ठप, लाखों का नुकसान
गुरुग्राम के जिला नागरिक अस्पताल के सीटी-एमआरआई सेंटर में तोड़फोड़ से जांच व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है।

गुरुग्राम अस्पताल में तोड़फोड़ ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
जिला अस्पताल के एमआरआई सेंटर में तोड़फोड़ हुई।
मशीन और उपकरणों को 30-35 लाख का नुकसान।
मरीजों की जांच सेवा बुरी तरह प्रभावित हुई।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सेक्टर-10 स्थित जिला नागरिक अस्पताल के सीटी-एमआरआइ सेंटर में मंगलवार रात हुई तोड़फोड़ से जांच व्यवस्था प्रभावित हो गई।
प्रारंभिक आकलन के अनुसार, मशीन और अन्य उपकरणों को करीब 30 से 35 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। इस घटना ने अस्पताल में पुलिस की निगरानी और स्वास्थ्यकर्मियों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नुकसान का आकलन किया जा रहा
हेल्थमैप डायग्नोस्टिक्स प्राइवेट लिमिटेड की ओर से दी गई। शिकायत के मुताबिक, तोड़फोड़ में एमआरआइ मशीन के ब्रेन काइल, साउंड प्रूफ विंडो और एग्जामिनेशन से जुड़े अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हुए हैं।
ये उपकरण जांच प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। नुकसान का आकलन किया जा रहा है। मशीन और उपकरणों की मरम्मत में कितना समय लगेगा, इसका असर मरीजों की जांच व्यवस्था पर पड़ सकता है।
मेडिकल के लिए लाया गया था आरोपित
सेक्टर-65 थाना पुलिस टैक्सी चालकों से मारपीट के मामले में आरोपित को मेडिकल जांच के लिए अस्पताल लाई थी। मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे वह इमरजेंसी से निकलकर सीटी-एमआरआइ सेंटर में घुस गया।
आरोप है कि उसने कर्मचारियों के साथ मारपीट और धमकी देने के बाद आपरेटर रूम में तोड़फोड़ की। कर्मचारियों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
अस्पताल में मेडिकल के लिए पुलिस अभिरक्षा में लाए गए व्यक्ति का इस तरह जांच केंद्र तक पहुंचना और महंगे उपकरणों को नुकसान पहुंचाना सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
घटना के बाद सेंटर में कर्मचारियों की सुरक्षा और संवेदनशील चिकित्सा उपकरणों की निगरानी को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। सेक्टर-10 थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
निजी केंद्रों से 60 प्रतिशत तक सस्ती जांच
केंद्र में हर महीने 400 से अधिक मरीज सीटी-एमआरआइ जांच कराते हैं, जबकि सालाना पांच हजार से ज्यादा मरीज इसका लाभ उठाते हैं।
इनमें आयुष्मान, बीपीएल, एचजीएस और एससी-एसटी वर्ग के लाभार्थियों की बड़ी संख्या शामिल है। यहां जांच दरें निजी अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटरों की तुलना में करीब 60 प्रतिशत तक कम हैं।
सीटी-एमआरआइ सेंटर में घुसे युवक की तोड़तोड़ में एमआरआइ जांच सेवा प्रभावित हुई है। जांच सेवा जल्द शुरू कराने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। - डा. मनीष राठी, डीएमएस, जिला नागरिक अस्पताल
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