गुरुग्राम में ओल्ड रेलवे रोड समेत प्रमुख सड़कों पर एलिवेटेड रोड की तैयारी, जाम से छुटकारा दिलाने का प्लान
गुरुग्राम में बढ़ती ट्रैफिक समस्या से निपटने के लिए एलिवेटेड मार्गों की योजना पर काम तेज हो गया है। जीएमडीए ...और पढ़ें

गुरुग्राम में जाम वाली जगहों पर बनेगी एलिवेटेड रोड। फोटो: एआई जनरेटेड
HighLights
एलिवेटेड मार्गों से गुरुग्राम का ट्रैफिक होगा आसान
जीएमडीए इस माह कंसल्टेंट का करेगा चयन
डीपीआर अगले महीने से बनाने की तैयारी
आदित्य राज, गुरुग्राम। साइबर सिटी की जाम से जूझती प्रमुख सड़कों को राहत देने के लिए एलिवेटेड मार्ग बनाने की योजना आगे बढ़ने लगी है।
गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) इसी महीने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए कंसल्टेंट का चयन करेगा। इसके लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
अगले महीने से डीपीआर बनाने की तैयारी
अगले महीने से डीपीआर बनाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। इसमें सड़कों की मौजूदा स्थिति, वाहनों का दबाव और एलिवेटेड मार्ग बनाने की संभावनाओं का तकनीकी अध्ययन किया जाएगा।
रिपोर्ट के आधार पर ही तय होगा कि किन मार्गों पर परियोजना को अमलीजामा पहनाया जा सकता है। शहर में ओल्ड रेलवे रोड, शीतला माता रोड और ओल्ड दिल्ली रोड जैसे मार्गों पर यातायात का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
पीक आवर में एक से दो किलोमीटर की दूरी तय करने में आधे घंटे से अधिक समय लग जाता है। मुख्य सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारों का असर आसपास की आंतरिक सड़कों पर भी पड़ता है।
ऐसे में एलिवेटेड मार्गों के जरिये व्यस्त हिस्सों और प्रमुख चौराहों पर यातायात का दबाव कम करने की संभावना तलाशी जा रही है।
संकरी सड़कों पर निर्माण की व्यवहार्यता अहम
शहर की सभी प्रमुख सड़कों को एलिवेटेड करना आसान नहीं है। पुराने गुरुग्राम की कई सड़कें घनी आबादी और व्यावसायिक क्षेत्रों से होकर गुजरती हैं, जहां उपलब्ध जगह सीमित है।
ओल्ड रेलवे रोड जैसे मार्ग पर वाहनों के भारी दबाव के साथ सड़क की मौजूदा संरचना भी चुनौती बन सकती है। इसलिए डीपीआर में केवल यातायात की स्थिति ही नहीं, बल्कि एलिवेटेड मार्ग की रूपरेखा, प्रवेश-निकास बिंदुओं और आसपास की सड़कों से उसके जुड़ाव का भी आकलन किया जाएगा।
योजना के तहत राजीव चौक से ओल्ड रेलवे रोड होते हुए चिंतपूर्णी मंदिर, शीतला माता रोड से लेफ्टिनेंट अतुल कटारिया चौक और ओल्ड दिल्ली रोड जैसे मार्गों को एलिवेटेड करने की मांग उठ चुकी है। इन सड़कों से पुराने शहर के अनेक प्रमुख इलाके जुड़े हैं।
डीपीआर के बाद स्पष्ट होगी लागत
एलिवेटेड मार्ग बनने से व्यस्त चौराहों पर वाहनों का दबाव घटाने और यात्रा में लगने वाला समय कम करने में मदद मिल सकती है।
हालांकि, इसका वास्तविक लाभ मार्गों के चयन, डिजाइन और मौजूदा सड़क नेटवर्क से उनके जुड़ाव पर निर्भर करेगा। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की अनुमानित लागत, निर्माण अवधि और चुने गए मार्गों की स्थिति स्पष्ट होगी।
डीपीआर तैयार करने के लिए कंसल्टेंट कंपनी का चयन इस महीने के भीतर हो जाएगा। कंपनी का चयन होते ही डीपीआर के ऊपर काम शुरू हो जाएगा। हर हाल में अगले महीने से डीपीआर पर काम शुरू करने का लक्ष्य है।
- प्रवीण चौधरी, मुख्य अभियंता, गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण
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