6 महीने तक गुरुग्राम वासियों की जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ, डोर-टु-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए तय की एजेंसियां
गुरुग्राम में निजी एजेंसियां छह महीने तक घरों से कूड़ा उठाएंगी। इस अस्थायी व्यवस्था के तहत निवासियों से कोई शुल्क ...और पढ़ें

कूड़ा कलेक्शन ऑनलाइन निगरानी के लिए सिस्टम बनाया जाएगा।

समय कम है?
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जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। प्राइवेट एजेंसियां शहर के घरों से कूड़ा उठाएंगी। इसके लिए निगम ने एजेंसियों को काम सौंप दिया है। यह फिलहाल अस्थायी व्यवस्था है और एजेंसियां छह महीने काम करेंगी। स्थायी डोर टू डोर कलेक्शन के लिए नगर निगम तैयारी कर रहा है।
खास बात यह है कि छह महीने के लिए शहर के लोगों से कूड़ा उठाने का शुल्क नहीं लिया जाएगा। सोमवार को निगम कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में नगर निगम गुरुग्राम की मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण की गाड़ियां हर गली और घर तक जाएंगी और निर्धारित मानकों के अनुसार सही तरीके से कचरा संग्रहित करेंगी।
बैठक में निगमायुक्त प्रदीप दहिया, अतिरिक्त निगमायुक्त रविंद्र यादव, कार्यकारी अभियंता सुंदर श्योराण सहित निगम पार्षद एवं डोर टू डोर कचरा संग्रहण कार्य में लगीं एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बैठक में बताया गया कि डोर टू डोर कचरा संग्रहण गाड़ियों में जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी, ताकि गाड़ियों की आवाजाही और कार्यप्रणाली पर लगातार नजर रखी जा सके। इसके साथ ही ऐसी ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की जाएगी, जिससे संबंधित वार्डों के पार्षद भी कचरा संग्रहण गाड़ियों की निगरानी कर सकें।
सेकेंडरी प्वाइंट पर पहुंचाना होगा कचरा
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि घर-घर से एकत्रित किया गया कचरा सीधे निर्धारित सेकेंडरी कचरा प्वाइंट पर ही डाला जाएगा। संयुक्त आयुक्त अपने-अपने जोन क्षेत्र में यह सुनिश्चित करेंगे कि कचरा कहीं और न फेंका जाए।
यदि किसी क्षेत्र में सेकेंडरी प्वाइंट के अतिरिक्त किसी अन्य स्थान पर कचरा डालते हुए पाया गया, तो संबंधित एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वार्ड में चार ट्रैक्टर-ट्राॅली, जोन में रहेगी तीन जेसीबी
नगर निगम द्वारा स्वच्छता कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वार्ड स्तर पर चार ट्रैक्टर-ट्राॅली उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके अलावा जोन स्तर पर तीन जेसीबी मशीनों की व्यवस्था भी की गई है।
जेसीबी मशीनों की रोस्टर प्रणाली संयुक्त आयुक्तों द्वारा तैयार की जाएगी और उसी के अनुरूप मशीनें कार्य करेंगी। निगमायुक्त प्रदीप दहिया के अनुसार स्वच्छता व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
तकनीक आधारित निगरानी, स्पष्ट जिम्मेदारी और सख्त कार्रवाई के माध्यम से कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। इससे न केवल शहर की सफाई व्यवस्था सुदृढ़ होगी, बल्कि नागरिकों में भी स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
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