हाईकोर्ट में सुनवाई से ठीक पहले जागा गुरुग्राम नगर निगम, 14 सितंबर को होंगे डिप्टी मेयर चुनाव
गुरुग्राम नगर निगम में 17 महीने से खाली पड़े सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर पदों के लिए 14 सितंबर ...और पढ़ें

हरियाणा इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन। फाइल फोटो
HighLights
गुरुग्राम निगम में 17 महीने बाद डिप्टी मेयर चुनाव 14 सितंबर को।
हाईकोर्ट में सुनवाई से ठीक एक दिन पहले चुनाव की घोषणा।
चुनाव हिपा, सेक्टर-18 में मेयर की अध्यक्षता में संपन्न होगा।
संदीप रतन, गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम में करीब 17 महीने से खाली पड़े सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पदों पर चुनाव का रास्ता साफ हो गया है।
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया की ओर से बुधवार को जारी बैठक नोटिस के मुताबिक दोनों पदों के लिए 14 सितंबर को सुबह 11 बजे चुनाव करवाया जाएगा।
खास बात यह है कि इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में 15 सितंबर को सुनवाई होनी है और उससे ठीक एक दिन पहले निगम ने चुनाव की तारीख घोषित की है। चुनाव प्रक्रिया सेक्टर-18 स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में होगी।
नगर निगम की ओर से जारी नोटिस में हरियाणा नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 36 और हरियाणा नगर निगम निर्वाचन नियम, 1994 के नियम 71(2) का हवाला दिया गया है।
इसके तहत नगर निगम के निर्वाचित सदस्यों में से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव किया जाएगा। 14 सितंबर को सुबह 11 बजे होने वाली बैठक में सभी निर्वाचित और नामित सदस्यों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
हिपा में जुटेंगे निगम सदस्य
दोनों पदों के लिए चुनाव प्रक्रिया सेक्टर-18 स्थित हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) में होगी। बैठक की अध्यक्षता नगर निगम की मेयर करेंगी।
निगम की ओर से स्पष्ट किया गया है कि चुनाव की पूरी प्रक्रिया हरियाणा नगर निगम निर्वाचन नियम, 1994 और नगर निगम अधिनियम के प्रविधानों के अनुसार कराई जाएगी।
30 अप्रैल को भी तय हुआ था चुनाव, ऐन वक्त पर टल गया
इससे पहले नगर निगम ने 30 अप्रैल को भी हिपा में ही दोनों पदों के चुनाव की तैयारी की थी। निगम सदस्यों की बैठक भी बुलाई गई थी, लेकिन ऐन वक्त पर मेयर की तबीयत बिगड़ने के कारण चुनाव टालना पड़ा था। इसके बाद से चुनाव लटके हुए हैं।
17 महीने से खाली हैं दोनों अहम पद
नगर निगम गुरुग्राम के सदन में सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद करीब 17 महीने से खाली पड़े हैं। दोनों पदों पर नाम तय करने को लेकर राजनीतिक सहमति नहीं बन पाने के कारण चुनाव लगातार टलता रहा।
अब चुनाव की तारीख घोषित होने के बाद निगम की राजनीति में भी हलचल तेज होने की संभावना है। निर्वाचित पार्षदों के बीच लामबंदी से लेकर राजनीतिक समीकरणों तक पर सबकी नजर रहेगी।
हाईकोर्ट पहुंचा था चुनाव में देरी का मामला
सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर का चुनाव समय पर नहीं कराने का मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंच चुका है। गुरुग्राम निवासी अधिवक्ता रोहित मदान ने चुनाव में देरी को लेकर हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की थी।
25 फरवरी 2026 को याचिका दायर हुई और 27 फरवरी को सुनवाई हुई। इसके बाद नगर निगम की ओर से 5 मार्च 2026 को अदालत में जवाब दाखिल कर आठ सप्ताह के भीतर दोनों पदों के चुनाव कराने का आश्वासन दिया गया था।
आठ सप्ताह का आश्वासन बीता, फिर भी नहीं हुआ चुनाव
नगर निगम की ओर से अदालत में दिए गए आश्वासन के बावजूद निर्धारित आठ सप्ताह की अवधि बीत गई और चुनाव नहीं कराया गया। इसी मामले में अब 15 सितंबर को हाईकोर्ट में सुनवाई निर्धारित है। ऐसे में सुनवाई से ठीक एक दिन पहले 14 सितंबर को चुनाव कराने की घोषणा की गई है।
अब पार्षदों की लामबंदी पर नजर
चुनाव की तारीख सामने आने के साथ ही निगम की राजनीति में अगले कुछ दिन बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। दोनों पदों पर चुनाव निर्वाचित सदस्यों में से होना है। ऐसे में उम्मीदवारों के समर्थन में पार्षदों की लामबंदी को लेकर हलचल शुरू हो गई है।
तारीखों में जानें पूरा मामला
- 17 महीने से सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर के पद खाली
- 14 सितंबर को सुबह 11 बजे चुनाव
- 15 सितंबर को हाईकोर्ट में मामले की अगली सुनवाई
- 5 मार्च 2026 को निगम ने आठ सप्ताह में चुनाव कराने का आश्वासन दिया था, लेकिन चुनाव नहीं हुआ
- 30 अप्रैल को इससे पहले चुनाव तय, लेकिन मेयर की तबीयत बिगड़ने से टला
- 24 मई पहले चुनाव करवाने थे, लेकिन नहीं करवाए
