यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 04, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Haryana News: सरकार से अनुमति लिए बिना की गई नियुक्तियां होंगी रद, आदेश जारी; कर्मचारियों में मचा हड़कंप
गुरुग्राम और मानेसर नगर निगमों में सरकार की अनुमति के बिना हुई 65 से ज्यादा नियुक्तियां रद्द कर दी जाएंगी। ...और पढ़ें

HighLights
- शहरी निकाय विभाग का आदेश जारी |
- दैनिक जागरण की खबर का असर |
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम और मानेसर में सरकार की अनुमति के बिना की गई नियुक्तियां रद होगी। दोनों नगर निगमों में एक्सपर्ट के नाम पर पिछले डेढ़ साल में 65 से ज्यादा कर्मचारियों की नियुक्ति बतौर एक्सपर्ट की जा चुकी हैं। इनमें से कई उम्रदराज सेवानिवृत्त कर्मचारी हैं और इसके अलावा भी कई अन्य कर्मचारी शामिल हैं।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने आदेश जारी कर कहा है कि निकायों में सलाहकारों की नियुक्ति अब बिना सरकार की अनुमति के नहीं होगी। विभाग ने राज्य की सभी निकायों को एक सख्त निर्देश जारी किया है, जिसमें बिना सरकार की पूर्व स्वीकृति के किसी भी निजी व्यक्ति को सलाहकार पद पर नियुक्त करने पर रोक लगाई गई है।
इस संबंध में दैनिक जागरण ने 3 जून को ‘निगम ने एक्सपर्ट के नाम पर डेढ़ साल में भर्ती कर लिए 65 कर्मचारी’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी।
सेवानिवृत्त कर्मचारियों सहित अन्य कर्मचारी कर रहे हैं काम
विभाग की ओर से कहा गया है कि हाल ही में यह संज्ञान में आया है कि कई निकाय अपने स्तर पर सलाहकारों की नियुक्ति कर रही हैं, जो या तो मानद पदों पर हैं या फिर वेतन पर नियुक्त किए गए हैं। यह नियुक्तियां राज्य सरकार की पूर्व स्वीकृति के बिना की जा रही थीं, जो नियमों के विरुद्ध है।
शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की सलाहकार या अन्य नियुक्ति केवल सरकार की स्पष्ट स्वीकृति के बाद ही की जाएगी। यदि पूर्व में बिना स्वीकृति के ऐसी कोई नियुक्तियां की गई हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए। यह आदेश जारी होने के बाद नगर निगम में खलबली मच गई है। अब देखना यह होगा कि निगम स्तर के अधिकारी इन नियुक्तियों पर कब तक एक्शन लेंगे।
अनुपालन रिपोर्ट जरूरी
आदेश में यह भी कहा गया है कि सभी संबंधित निकायों को इस संबंध में अनुपालन रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से निदेशालय को भेजनी होगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का पालन पूरी सख्ती से किया जाए।
बता दें कि मंत्रियों और उच्चाधिकारियों की सिफारिश पर गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम नगर निगम में चहेते कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। इनमें 65 उम्रदराज सेवानिवृत्त कर्मचारियों के अलावा कई अन्य कर्मचारी भी शामिल हैं और इनको मोटे वेतन के साथ गाड़ी-ड्राइवर सहित तमाम सरकारी सुविधाएं भी दी जा रही हैं।
खास बात यह है कि 13 कर्मचारियों का कार्यकाल तो 31 मार्च को ही खत्म हो गया था। इनको एक्सटेंशन यानी सेवा विस्तार भी नहीं दिया गया, इसके बावजूद ये कर्मचारी निगम कार्यालय में ड्यूटी कर रहे हैं। पांच और कर्मचारियों का कार्यकाल गत मंगलवार को समाप्त हो गया।
विभिन्न ब्रांच में नियुक्त हैं कर्मचारी
यह कर्मचारी नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स, सेनिटेशन, लीगल, स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम), हार्टिकल्चर (बागवानी) , टेक्निकल आदि विंग में 60 से 75 उम्र के सेवानिवृत्त और इसके अलावा भी कई कर्मचारी एक्सपर्ट तथा सुपरिटेंडेंट पद पर भर्ती किए गए हैं।
कुछ ब्रांच में पहले भी एक्सपर्ट की सेवाएं ली जाती थी, लेकिन इनकी संख्या कभी पंद्रह या बीस से ज्यादा नहीं रही। लेकिन पिछले डेढ़ साल में अधिकारियों ने ऐसे सिफारिशियों के लिए दरवाजे खोल दिए। कई एक्सपर्ट का वेतन 50 हजार से लेकर एक लाख से ज्यादा वेतन दिया जा रहा है। इसके साथ ही सरकारी गाड़ी और ड्राइवर की भी सुविधा दी जा रही है।
