गुरुग्राम: चीनी साइबर ठगों तक पहुंची 13.80 करोड़ की ठगी की जांच, टेलीग्राम नेटवर्क से जुड़े पांच गिरफ्तार
गुरुग्राम पुलिस ने 13.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसके तार ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
गुरुग्राम में 13.80 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का खुलासा।
ठगी के तार टेलीग्राम के जरिए चीनी नेटवर्क से जुड़े।
पांच आरोपित गिरफ्तार, बैंक खाते उपलब्ध कराने का आरोप।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। निवेश के नाम पर 13 करोड़ 80 लाख रुपये की साइबर ठगी के तार अब टेलीग्राम के जरिए सक्रिय कथित चीनी नेटवर्क तक पहुंचने लगे हैं।
गुरुग्राम पुलिस की स्पेशल साइबर क्राइम यूनिट, सेक्टर-56 ने इस मामले में बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क से जुड़े पांच आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपित टेलीग्राम ग्रुप के माध्यम से विदेशी साइबर ठगों के संपर्क में थे और ठगी की रकम को ठिकाने लगाने के लिए बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
आरोपितों की पहचान उत्तर पश्चिम दिल्ली के स्वरूप विहार एक्सटेंशन कादीपुर निवासी नीरज, आजमगढ़ जिले के लालगंज स्थित गांव गोमाडीह सूरज सरोज के अलावा जयपुर निवासी सुरजीत उर्फ मानस, प्रशांत शर्मा और तेज प्रताप सिंह शेखावत के रूप में हुई है।
बरामद मोबाइल फोनों की तकनीकी जांच जारी
आरोपितों से छह मोबाइल फोन बरामद हुए हैं, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है। सूरज व सुरजीत को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, जबकि अन्य को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मामले में अब तक 40 आरोपित गिरफ्तार हो चुके हैं।
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपित सुरजीत कुमार उर्फ मानस को टेलीग्राम के जरिए ''''जाय'''' नामक व्यक्ति ने अलग-अलग ग्रुपों से जोड़ा था। वह इन ग्रुपों में बैंक खातों की जानकारी साझा करता था।
इसके बदले उसे क्रिप्टोकरेंसी और बाइनेंस के माध्यम से भुगतान किया जाता था। वह अपने साथियों सूरज सरोज, प्रशांत शर्मा और तेज प्रताप सिंह शेखावत के साथ मिलकर कथित चीनी साइबर ठगी नेटवर्क को बैंक खाते उपलब्ध कराता था।
50 हजार का खाता 90 हजार में पहुंचा नेटवर्क तक
मामले की बैंकिंग ट्रेल में ठगी की रकम में से करीब पांच लाख रुपये गुप्ता इंडस्ट्रीज के चालू खाते में पहुंचने का पता चला। पुलिस के अनुसार, यह खाता पहले 50 हजार रुपये में बेचा गया था। इसके बाद 60 हजार और फिर 90 हजार रुपये में इसे आगे ठगी नेटवर्क तक पहुंचाया गया।
इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम प्राप्त करने और उसे आगे ट्रांसफर करने में किया जाता था। पुलिस अब टेलीग्राम ग्रुप, बैंक खातों की पूरी श्रृंखला, क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से हुए भुगतान और विदेशी साइबर नेटवर्क से आरोपितों के संपर्कों की गहन जांच कर रही है।
