क्रिप्टो और रियल एस्टेट निवेश के नाम पर धर्मशाला में 55 लाख की ठगी, चार पर केस
धर्मशाला में क्रिप्टोकरेंसी, रियल एस्टेट और ऑनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 55 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है।

क्रिप्टो ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा, 55 लाख की ठगी।
HighLights
धर्मशाला में 55 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी
क्रिप्टो, रियल एस्टेट निवेश में मुनाफे का लालच
चार आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज
जागरण संवाददाता, धर्मशाला। क्रिप्टोकरेंसी, रियल एस्टेट और आनलाइन ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर करीब 55 लाख रुपये की कथित ठगी हुई है। शिकायत मिलने के बाद धर्मशाला पुलिस ने साइबर सेल की प्रारंभिक जांच के आधार पर चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश से जुड़ी धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने सुशील वर्मा, चरण सिंह, महिंदर सिंह और राजेश कुमारी के नाम शिकायत दर्ज की है।धर्मशाला निवासी शिकायतकर्ताओं आनंद अग्रवाल और अरुण कुमार ने आरोप लगाया है कि उन्हें निवेश के जरिए कम समय में रकम दोगुनी-तिगुनी करने का भरोसा दिलाया गया था। रियल एस्टेट और एफएक्स ट्रेडिंग के नाम पर निवेश से पैसा दो गुणा हो जाएगा।
शिकायतकर्ताओं के मुताबिक, आरोपियों ने उन्हें डिवाइन ब्रिक्स रियल एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और एफएक्स ट्रेडिंग के माध्यम से निवेश करने के लिए तैयार किया। आनंद अग्रवाल ने कथित तौर पर अलग-अलग किस्तों में 45 लाख रुपये निवेश किए, जबकि अरुण कुमार ने भी एफएक्स ट्रेडिंग से जुड़े खातों में रकम ट्रांसफर की।
शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शुरुआत में एक डिजिटल प्लेटफार्म पर निवेश की रकम के साथ बढ़ा हुआ मुनाफा दिखाया गया। इससे शिकायतकर्ताओं को निवेश पर रिटर्न मिलने का भरोसा हुआ। बाद में जब उन्होंने अपनी मूल रकम और कथित लाभांश निकालने का प्रयास किया तो भुगतान रोक दिया गया।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि निवेश के नाम पर जमा की गई रकम आखिर किन-किन बैंक खातों में पहुंची। जांच में संबंधित बैंक खातों, डिजिटल वालेट, इलेक्ट्रानिक साक्ष्यों और आरोपियों के वित्तीय लेन-देन का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार ऑनलाइन निवेश से जुड़े साइबर ठगी के मामलों में आरोपित अक्सर इंटरनेट मीडिया या मैसेजिंग ऐप के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं। खुद को ट्रेडिंग या निवेश का विशेषज्ञ बताकर पहले मुनाफे का लालच दिया जाता है। इसके बाद रकम निकालने के नाम पर टैक्स, फीस या अन्य चार्ज बताकर अतिरिक्त पैसे की मांग किए जाने का पैटर्न भी सामने आता है।
पुलिस के अनुसार, शिकायत 4 जून 2026 को दर्ज करवाई गई थी। प्राथमिक जांच के बाद धर्मशाला थाने में अब मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी की रकम किन खातों में ट्रांसफर हुई और इस पूरे मामले में चार नामजद आरोपियों के अलावा अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं। वित्तीय लेन-देन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
पुलिस ने मामला दर्ज किया है। छानबीन की जा रही है, अभी कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। बैंक खातों की पड़ताल की जाएगी। -नारायण सिंह, थाना प्रभारी, धर्मशाला।
