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बिटक्वाइन ट्रेडिंग धोखाधड़ी: गुरुग्राम में 4.72 करोड़ की ठगी, बैंक खाता देने वाले दो गिरफ्तार

Published: Thu, 01 Oct 2026 06:20 PM (IST)

गुरुग्राम में बिटक्वाइन ट्रेडिंग के नाम पर 4.72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार ...और पढ़ें

गुरुग्राम में बिटक्वाइन ट्रेडिंग के नाम पर 4.72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी।

गुरुग्राम में बिटक्वाइन ट्रेडिंग के नाम पर 4.72 करोड़ रुपये की साइबर ठगी।

HighLights

  1. गुरुग्राम में बिटक्वाइन ट्रेडिंग के नाम पर बड़ी ठगी।

  2. 4.72 करोड़ रुपये की साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ।

  3. ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले दो गिरफ्तार किए गए।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। बिटक्वाइन में निवेश कर भारी मुनाफा कमाने का लालच देकर गुरुग्राम के व्यक्ति से चार करोड़ 72 लाख रुपये की साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले दो आरोपितों को साइबर क्राइम यूनिट ने गिरफ्तार किया है।पुलिस ने बुधवार रात इन्हें हांसी के कुंवारी गांव से पकड़ा।

मामले में 15 जनवरी को गुरुग्राम निवासी पीड़ित ने ठगी का केस दर्ज कराया था। बताया था कि उससे टेलीग्राम और वाट्सएप के जरिए संपर्क किया गया। इसके बाद ठगों ने खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी का अधिकारी बताकर बिटक्वाइन ट्रेडिंग में निवेश पर मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया था।

आरोपितों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया

आरोपितों ने उसे एक ऑनलाइन ट्रेडिंग वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन कराया। शुरुआत में खाते में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और फिर ज्यादा मुनाफे का लालच देकर धीरे-धीरे विभिन्न बैंक खातों में कुल 4.72 करोड़ रुपये जमा करा लिए।

जब शिकायतकर्ता ने राशि निकालने की कोशिश की तो ऑनलाइन कस्टमर सर्विस ने निकासी रोक दी और ट्रेडिंग अकाउंट को सामान्य करने के नाम पर 1.25 करोड़ रुपये और जमा करने की मांग की। इस पर शिकायतकर्ता को ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस थाना साइबर अपराध दक्षिण में केस दर्ज कराया।

ठगी की राशि में से दो लाख रुपये एक फर्म के बैंक खाते में आए

साइबर क्राइम यूनिट गुरुग्राम ने तकनीकी साक्ष्यों और बैंकिंग ट्रेल के आधार पर कार्रवाई करते हुए गांव कुंवारी से दो आरोपितों को पकड़ा। इनकी पहचान कुंवारी गांव निवासी गगनदीप उर्फ कालू और गुरविंद के रूप में की गई। पूछताछ में सामने आया कि ठगी की राशि में से दो लाख रुपये एक फर्म के बैंक खाते में आए थे।

यह खाता आरोपित गगनदीप ने खुलवाया था और कमीशन पर गुरविंद को उपलब्ध कराया था। गुरविंद ने अन्य किसी के माध्यम से यह खाता ठगों को बेच दिया। पुलिस दोनों आरोपितों से बैंक खाते के लेन-देन, ठगी की पूरी रकम और नेटवर्क में शामिल अन्य आरोपितों के बारे में पूछताछ कर रही है।

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