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गुरुग्राम के सिग्नेचर ग्लोबल में सात श्रमिकों की मौत छिपाने की कोशिश, घायलों को भिवाड़ी ले जाया गया

Published: Wed, 11 Mar 2026 05:42 AM (IST)Updated: Wed, 11 Mar 2026 07:05 AM (IST)

गुरुग्राम में सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर मिट्टी धंसने से सात श्रमिकों की मौत हो गई और चार घायल ...और पढ़ें

सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर भारी लापरवाही से सोमवार रात सात श्रमिकों की मौत।

सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर भारी लापरवाही से सोमवार रात सात श्रमिकों की मौत।

HighLights

  1. गुरुग्राम में सिग्नेचर ग्लोबल साइट पर मिट्टी धंसने से हादसा।

  2. सात श्रमिकों की मौत, चार घायल, कंपनी पर छिपाने का आरोप।

  3. गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज, तीन कर्मी निलंबित।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। गुरुग्राम जिले की सीमा पर सिधरावली के पास सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर भारी लापरवाही से सोमवार रात सात श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि चार श्रमिक जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं। श्रमिकों का आरोप है कि साइट के अंदर हुए इस हादसे को छिपाने की भरसक कोशिश की गई। कंपनी की तरफ से इस घटना की जानकारी न तो गुरुग्राम पुलिस को दी गई और न ही किसी घायल को बिलासपुर या आसपास किसी अस्पताल भेजा गया।

एसटीपी प्लांट के लिए खोदे गए गढ्ढे में मिट्टी के अंदर दबे घायल श्रमिकों को राजस्थान के भिवाड़ी के निजी अस्पताल ले जाया गया। रात करीब नौ बजे भिवाड़ी पुलिस ने जब डेडबडी रिसीव करने की जानकारी गुरुग्राम पुलिस को दी तब पुलिस मामले में सक्रिय हुई।

बताया जाता है कि सिधरावली के पास सिग्नेचर ग्लोबल की इस साइट पर प्लाटिंग का काम चल रहा है। यहां मुख्य गेट के साथ चारों तरफ चारदीवारी बनाई गई है। कुछ दिनों से साइट के अंदर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का निर्माण कार्य चल रहा था। श्रमिकों का कहना है कि प्लांट बनाने के लिए करीब 50 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। इसमें नीचे सीमेंट का बेस बनाया गया था।

सोमवार शाम करीब सात बजे अचानक मिट्टी की चट्टान खिसकने लगी। चट्टान को देखकर कई श्रमिक तुरंत बाहर निकल आए, लेकिन 11 श्रमिक अंदर ही फंसे रह गए। श्रमिकों का आरोप है कि 11 लोगों के मिट्टी के नीचे दबने के बाद भी बिल्डर और ठेकेदार ने प्रशासनिक मदद लेने की बजाय घटना को दबाने की कोशिश की। बिल्डर और ठेकेदार ने अपने स्तर पर रेस्क्यू आपरेशन चलाया।

सभी घायलों को भिवाड़ी के गीतांजलि अस्पताल ले जाया गया। जबकि बिलासपुर में भी रमन मुंजाल समेत कई बड़े निजी अस्पताल हैं। इससे समय बर्बाद हुआ और स्थिति बिगड़ गई। ढाई घंटे बाद मृतकों के शव रिसीव करने पर भिवाड़ी पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस को सूचना दी।

गेट बंद कर बाउंसर तैनात किए, मीडिया कर्मियों को अंदर जाने से रोका

हादसे की सूचना पर सोमवार रात गुरुग्राम से कई मीडिया कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। साइट के मुख्य गेट पर 50 से ज्यादा बाउंसर खड़े कर दिए गए और प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया। मीडिया और स्थानीय लोगों को अंदर जाने से रोका गया। घायलों और मृतकों को गुरुग्राम के किसी अस्पताल ले जाने के बजाय पड़ोसी राज्य राजस्थान के भिवाड़ी ले जाने के पीछे की मंशा से घटना को छिपाने की आशंका जाहिर होती है।

साइड में चल रहे रोड रोलर की वजह से मिट्टी खिसकने की आशंका

बताया जाता है कि जहां एसटीपी के लिए गहरा गड्ढा खोदा गया था और श्रमिक करीब 50 फीट नीचे काम कर रहे थे, उसी के पास साइड में ठेकेदार की तरफ से रोड़ी बजरी पर रोड राेलर चलाया जा रहा था। आशंका है कि रोड रोलर की वजह से मिट्टी पर दबाव पड़ा और 90 डिग्री के एंगल पर खोदे गए गड्ढे में अचानक मिट्टी धंस गई। हादसे में झारखंड के छह और राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले एक श्रमिक की मौत हो गई।

मंगलवार को घटनास्थल पर पहुंची पुलिस और प्रशासनिक टीमों को जांच में पता चला कि निर्माणाधीन सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की रिटेंशन दीवार के लिए उचित स्लोपिंग, शोरिंग, ब्रेसिंग और सेफ्टी नेट का इस्तेमाल नहीं किया गया था। बेसमेंट की खोदाई के दौरान दीवार को मजबूत बनाने की बजाय लापरवाही बरती गई।

इनकी हुई मौत

मृतकों की पहचान झारखंड के पूर्वी सिंहभूम के बनिहारा गांव के रहने वाले शिवशंकर, खूंटी के होंडई के रहने वाले परमेश्वर महतो, धनंजय महतो, हाथी बिंदा के रहने वाले मंगल महतो, जमशेदपुर के पोहिता के रहने वाले भागीरथ गोप, संजीव गोप और राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले सतीश के रूप में की गई। वहीं नेपाल के इंद्रजीत, छोटेलाल, शिवकाम चौधरी और बांदीकुई के दीनदयाल अस्पताल में भर्ती हैं।

कंपनी, ठेकेदार समेत छह पर गैर इरादतन हत्या में केस दर्ज

मामले में बिलासपुर थाना पुलिस ने कंपनी, ठेकेदार समेत छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या, सुरक्षा में लापरवाही व अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। गुरुग्राम पुलिस की तरफ से बताया गया कि मंगलवार को हादसे में मृत सतीश के भाई ने एक लिखित शिकायत दी। बताया कि सिग्नेचर ग्लोबल कंपनी में एसटीपी प्लांट निर्माण का कार्य बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा किया जा रहा था। जहां गहरा कच्चा गड्ढा खोदकर श्रमिकों से काम कराया जा रहा था।

ग्लोबल सिटी आफ कलर्स कंपनी, बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी, ठेकेदार दीनदयाल शर्मा उर्फ डीडी शर्मा, प्रोजेक्ट इंचार्ज दिनेश वीर, साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज विकास पांडे व सेफ्टी इंचार्ज आफिसर की ओर से पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम व सेफ्टी उपकरण उपलब्ध नहीं कराए गए। इसके कारण मिट्टी धंसने से यह हादसा हुआ और इसमें कई श्रमिकों की मौत हो गई। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।

ठेकेदार को कारण बताओ नोटिस, तीन कर्मी सस्पेंड किए: सिग्नेचर ग्लोबल

सिग्नेचर ग्लोबल इंडिया लिमिटेड के प्रवक्ता का कहना है कि घटना की सूचना मिलते ही टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं और आवश्यक राहत व सहायता कार्य शुरू किए गए। प्रारंभिक रूप से यह घटना निर्माण ठेकेदार कंपनी की लापरवाही का परिणाम प्रतीत होती है। इस संबंध में ठेकेदार को तुरंत कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

साथ ही घटना की जांच के लिए एक स्वतंत्र जांच कमेटी भी गठित की गई है। परियोजना से जुड़े तीन संबंधित कर्मियों की सेवाएं भी फिलहाल निलंबित कर दी गई हैं। कंपनी प्रभावित श्रमिकों और उनके परिवारों को तत्काल वित्तीय, चिकित्सीय और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रही हैं। स्थानीय प्रशासन के साथ पूर्ण सहयोग किया जा रहा है।

घर के अकेला कमाने वाला था सतीश

मृतकों में शामिल सुपरवाइजर सतीश यादव राजस्थान के भरतपुर के रहने वाले थे। मंगलवार को इनके स्वजन गुरुग्राम पहुंचे। पुलिस ने उनके बयान दर्ज कर शव का पोस्टमार्टम कराकर उन्हें सौंप दिया। परिवार के लोगों ने बताया कि सतीश यादव की पांच साल पहले राधिका यादव से शादी हुई थी। उन्हें पांच साल का एक बेटा भी है। परिवार में मां और तीन भाई हैं। कई साल पहले सतीश के पिता का निधन हो गया था। परिवार में वह अकेले कमाने वाले थे।

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