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5 साल में 5000 अवैध निर्माण: गुरुग्राम में एयरफोर्स डिपो के 900 मीटर के दायरे में धज्जियां उड़ा रहे भू-माफिया

Published: Thu, 17 Sep 2026 05:14 PM (IST)

गुरुग्राम में वायुसेना के आयुध डिपो के 900 मीटर प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच साल में 5000 से अधिक अवैध निर्माण ...और पढ़ें

गुरुग्राम आयुध डिपो के पास अवैध निर्माण जारी, सुरक्षा पर खतरा।

गुरुग्राम आयुध डिपो के पास अवैध निर्माण जारी, सुरक्षा पर खतरा।

HighLights

  1. वायुसेना डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में 5000 से अधिक अवैध निर्माण।

  2. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की।

  3. 900 मीटर बफर जोन में लगातार अवैध निर्माण सुरक्षा चिंता बढ़ा रहे।

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। साइबर सिटी में वायुसेना के गोला-बारूद आयुध डिपो के प्रतिबंधित क्षेत्र में पांच साल में लगभग पांच हजार से ज्यादा अवैध निर्माण हो गए हैं। सुप्रीम कोर्ट की सख्त टिप्पणियों और हाईकोर्ट के स्पष्ट आदेशों के बावजूद आयुध डिपो के 900 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में अवैध निर्माण का सिलसिला जारी है।

स्थिति यह है कि कई भवन आयुध डिपो की मुख्य दीवार से सटकर बनाए गए हैं। आयुध डिपो के चारों तरफ 900 मीटर का क्षेत्र नो-कंस्ट्रक्शन जोन के रूप में निर्धारित है। इस दायरे में नए निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों पर रोक है। इसके बावजूद प्रतिबंधित क्षेत्र में लगातार निर्माण होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय स्तर पर यह भी चिंता जताई जा रही है कि डिपो की दीवार के बेहद करीब निर्माण होने से संवेदनशील क्षेत्र की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इसको लेकर एयरफोर्स की ओर से भी नगर निगम को लगातार पत्र लिखे जा रहे हैं।

इस संबंध में नगर निगम के संयुक्त आयुक्त जयवीर यादव का कहना है कि पिछले दिनों बड़े स्तर पर आयुध डिपो क्षेत्र में अवैध निर्माण ताेड़े गए थे। सख्त कार्रवाई के निर्देश इन्फोर्समेंट टीम को दिए गए हैं।

गत मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने गुरुग्राम आयुध डिपो के आसपास अतिक्रमण और अवैध निर्माण को लेकर हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़ी टिप्पणी की।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि अधिकारियों की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर अतिक्रमण संभव नहीं है। अदालत ने केंद्र सरकार को 900 मीटर के बफर जोन को चिह्नित करने वाली अधिसूचना जारी नहीं किए जाने के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश भी दिया है।

सीलिंग के बाद भी नहीं रुका निर्माण

नगर निगम की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले पांच वर्षों में प्रतिबंधित क्षेत्र में हजारों अवैध इमारतें बन गईं। निगम के एन्फोर्समेंट विंग की ओर से कुछ भवनों पर सीलिंग की कार्रवाई जरूर की गई, लेकिन कई मामलों में सील तोड़कर दोबारा निर्माण किए जाने के आरोप हैं। सील तोड़ने के मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

190 से अधिक जगहों पर निर्माण जारी

रिपोर्ट के अनुसार, प्रतिबंधित दायरे में वर्तमान में भी 190 से अधिक स्थानों पर अवैध निर्माण चल रहा है। शीतला कालोनी, धर्म कालोनी और कार्टरपुरी रोड सहित कई क्षेत्रों में नए निर्माण और अवैध कालोनियां विकसित की जा रही है। यहां रिहायशी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियां भी संचालित हो रही हैं।

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