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गुरुग्राम में मिट्टी धंसने से 7 श्रमिकों की मौत मामले में HHRC सख्त, पुलिस-निगम को नोटिस जारी

Published: Mon, 23 Mar 2026 04:50 PM (IST)

हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने गुरुग्राम के सिधरावली में सिग्नेचर ग्लोबल साइट पर मिट्टी धंसने से सात श्रमिकों की मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है।

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HighLights

  1. सिधरावली में हाईवे किनारे सिग्नेचर ग्लोबल साइट पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाते समय हुआ था हादसा

  2. टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, श्रम विभाग, पुलिस, नगर निगम गुरुग्राम को नोटिस जारी किए गए

संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। दिल्ली–जयपुर हाईवे पर सिधरावली में सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाते समय मिट्टी धंसने से हुए हादसे में सात श्रमिकों की मौत मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। घटना में चार श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए थे।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, निर्माण स्थल पर बनी कंक्रीट की सहारा दीवार अचानक ढह गई, जिससे मिट्टी धंस गई और वहां काम कर रहे श्रमिक मलबे में दब गए। बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद श्रमिकों को बाहर निकाला, लेकिन सात लोगों की मौत हो गई। इस घटना ने निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हरियाणा मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा तथा सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने मामले पर गहरी चिंता व्यक्त की है। आयोग ने कहा कि निर्माण कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण होता है, खासकर प्रवासी और आर्थिक रूप से कमजोर मजदूरों के लिए।

ऐसे हादसे सुरक्षा मानकों की अनदेखी और श्रम कानूनों के पालन में कमी को दर्शाते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया कि सुरक्षित कार्य परिस्थितियां प्रत्येक श्रमिक का मौलिक अधिकार हैं और इसे जीवन के अधिकार का हिस्सा माना जाता है।

विभागों को नोटिस, मांगी विस्तृत रिपोर्ट

आयोग ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, श्रम विभाग, पुलिस और नगर निगम गुरुग्राम सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। आयोग ने घटना के कारणों, सुरक्षा मानकों के पालन, जिम्मेदार व्यक्तियों पर कार्रवाई, पीड़ितों को मुआवजा और पुनर्वास जैसे बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

आयोग ने भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार अधिनियम, 1996 तथा व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020 के सख्ती से पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। मामले की अगली सुनवाई 13 मई 2026 को निर्धारित की गई है।