गुरुग्राम में सीएनजी सिलेंडर हाइड्रो टेस्टिंग, कहीं सख्ती, कहीं नियमों की अनदेखी से सुरक्षा पर सवाल
गुरुग्राम में सीएनजी वाहनों के सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग को लेकर नियमों का पालन असंगत तरीके से हो रहा है।

गुरुग्राम में सीएनजी सिलेंडर हाइड्रो टेस्टिंग ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
सीएनजी सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग गुरुग्राम में अनिवार्य।
कुछ पंपों पर नियमों की अनदेखी, बिना जांच गैस भर रहे।
अन्य पंप मान्य प्लेट न होने पर वाहन चालकों को लौटा रहे।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। सीएनजी वाहनों की सुरक्षा के लिए सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग अनिवार्य की गई है। लेकिन, साइबर सिटी में इस नियम को लागू करने का तरीका ही सवालों के घेरे में है।
दैनिक जागरण की पड़ताल में सामने आया कि एक पंप पर सिलेंडर का प्रमाण पत्र देखे बिना गैस भरी जा रही थी, जबकि दूसरे पंप पर मान्य अनुपालन प्लेट नहीं होने पर वाहन चालकों को वापस लौटाया जा रहा था।
नहीं मिल रहा था किसी भी वाहन का प्रमाण पत्र
सेक्टर-15 और पालम विहार में सीएनजी स्टेशन पर पड़ताल के दौरान किसी भी वाहन के सिलेंडर का प्रमाण पत्र नहीं देखा जा रहा था।
दूसरी ओर, सेक्टर-30 स्थित सीएनजी पंप पर कर्मचारी मान्य अनुपालन प्लेट नहीं होने पर वाहन चालकों को गैस देने से मना कर रहे थे।
सिलेंडरों की नियमित जांच जरूरी
एक सीएनजी स्टेशन के मैनेजर ने बताया कि पंप कर्मियों को नियमों की जानकारी दी गई है और इनका कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
वहीं, कार सवार दिनेश गर्ग का कहना है कि सिलेंडरों की नियमित जांच सुरक्षा के लिए जरूरी है। लेकिन, इसके लिए पर्याप्त अधिकृत टेस्टिंग सेंटर और उनकी जानकारी उपलब्ध कराना भी संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है।
सीएनजी सिलेंडर की हाइड्रो टेस्टिंग की तीन साल की अवधि पूरी हुए करीब एक माह हो चुका है। पंप पर सीएनजी भरवाने पहुंचा तो कर्मचारी ने बिना मान्य अनुपालन प्लेट के गैस देने से मना कर दिया है।- चंचल, ऑटो चालक
सिलेंडरों की हाइड्रो टेस्टिंग का उद्देश्य दुर्घटनाओं का जोखिम कम करना है। ऐसे में केवल वाहन चालकों को गैस देने से रोकना पर्याप्त नहीं है। जरूरी है कि सभी पंपों पर वाहनों की जांच समान रूप से हो और नियमों का उल्लंघन करने वालों की जवाबदेही भी तय की जाए।- राजकुमार, आटो चालक
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