GST नियमों में सरलीकरण से कारोबारियों को बड़ी राहत, वर्किंग कैपिटल सुधरने से निवेश और व्यापार को मिलेगी रफ्तार
जीएसटी प्रक्रियाओं के सरलीकरण और कानूनी जटिलताओं में कमी से कारोबारियों को राहत मिलेगी, जिससे उनकी कार्यशील पूंजी बेहतर होगी।
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जीएसटी के सरल नियमों से कारोबारियों को राहत। AI जनरेटेड
HighLights
जीएसटी प्रक्रियाएं सरल हुईं, कानूनी जटिलताएं कम, कारोबारियों को राहत।
जीएसटी मामलों में अभियोजन सीमा 1 करोड़ से 5 करोड़ बढ़ी।
एफआईआई ने सुधारों का स्वागत किया, निवेश-व्यापार को मिलेगी गति।
जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। जीएसटी प्रक्रियाएं सरल होने, कानूनी जटिलताओं में कमी आने और कर अनुपालन का बोझ घटने से कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। इससे उद्योगों की कार्यशील पूंजी बेहतर होगी और निवेश व कारोबार विस्तार को बढ़ावा मिल सकता है।
8 अक्टूबर को हुई जीएसटी परिषद की 57वीं बैठक में प्रस्तावित सुधारों का फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (एफआइआई) ने स्वागत किया है। संगठन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के नेतृत्व की सराहना की।
जीएसटी मामलों में गिरफ्तारी
एफआईआई हरियाणा के चेयरमैन विनोद बापना ने कहा कि जीएसटी मामलों में गिरफ्तारी और अभियोजन संबंधी प्रावधानों की समीक्षा और अभियोजन की मौद्रिक सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव कारोबारियों के लिए महत्वपूर्ण है। सामान्य जुर्माने में कमी और प्रक्रियाओं के सरलीकरण से भी व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि कर वापसी में तेजी और अनावश्यक कानूनी उलझनों में कमी से कारोबारियों को अपनी कार्यशील पूंजी का बेहतर इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा।
कारोबारी माहौल मजबूत करेंगे
एफआईआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक जैन ने कहा कि जीएसटी पंजीकरण को आसान बनाने, तकनीक के इस्तेमाल से प्रक्रियाओं में तेजी लाने और कर वापसी व्यवस्था को बेहतर करने जैसे कदम कारोबारी माहौल मजबूत करेंगे। सरल और पारदर्शी कर प्रणाली से व्यापारियों का विश्वास बढ़ेगा। इससे निवेश को प्रोत्साहन मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर पैदा करने में भी मदद मिलेगी।
उन्होंने उम्मीद जताई कि सुधारों का लाभ छोटे-बड़े सभी कारोबारियों तक पहुंचेगा और देश की आर्थिक प्रगति को गति मिलेगी।
