यशलोक सिंह, गुरुग्राम साइबर सिटी के उद्यमियों का कहना है कि बेहतर भविष्य के लिए ग्रीन एनर्जी की ओर कदम बढ़ाना बहुत जरूरी है। इस ओर केंद्र और प्रदेश सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए। भारत की ²ष्टि से देखा जाए तो यहां ग्रीन एनर्जी का सबसे बड़ा स्त्रोत सोलर एनर्जी है। गुरुग्राम में इंटरनेशनल सोलर अलायंस (आइएसए) का मुख्यालय है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार को चाहिए कि गुरुग्राम ही नहीं पूरे हरियाणा को सोलर एनर्जी के दोहन का सबसे बड़ा केंद्र बनाना चाहिए। इससे सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि बिजली के लिए कोयले पर हमारी निर्भरता अत्यधिक कम हो जाएगी। इसका सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि कार्बन उत्सर्जन में क्रांतिकारी रूप से कमी आएगी।

ग्रीन एनर्जी की बात की जाए तो सोलर पावर, हाइड्रोजल एनर्जी, विड पावर, हाइड्रो पावर, जियोथर्मल एनर्जी, बायोमास और बायोफ्यूल प्रमुख है। विशेषज्ञों का कहना है कि हमारे देश में सोलर एनर्जी, बायोमास, बायोफ्यूल और हाइड्रोजन एनर्जी लगातार चर्चा के केंद्र बने हुए हैं। यदि सोलर एनर्जी की ओर कदम बढ़ाए जाएं तो इससे सकारात्मक परिणाम जल्द मिलेंगे। उद्यमी मनोज जैन का कहना है कि सोलर एनर्जी के अधिक से अधिक दोहन के लिए सरकार को चाहिए कि औद्योगिक इकाइयों, सरकारी शिक्षण संस्थाओं, सरकारी कार्यालयों, कारपोरेट कार्यालयों और लोगों के घरों पर सोलर पैनल लगवाने के लिए प्रोत्साहित करे और अधिक से अधिक सब्सिडी दी जाए। इससे देश जीरो कार्बन उत्सर्जन के लक्ष्य को समय से पहले ही हासिल कर सके।

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार जर्मनी से लेकर नार्डिक देशों डेनमार्क, नार्वे, स्वीडन, आइसलैंड और फिनलैंड के साथ अपनी साझेदारी बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उद्यमी प्रदीप साहनी का कहना है कि इस समय ऊर्जा संकट पूरे चरम पर है। बिजली की आपूर्ति सही से नहीं हो पा रही है। यदि जर्मनी की बात की जाए तो वह अपनी कुल ऊर्जा आवश्यकताओं का 48 प्रतिशत सोलर या पवन ऊर्जा के जरिए हासिल करता है। यदि भारत की बात की जाए तो यहां लगभग 10 प्रतिशत ऊर्जा ग्रीन एनर्जी के से प्राप्त की जा रही है।

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ग्रीन एनर्जी को लेकर तेजी से काम होना चाहिए। गुरुग्राम में इंटरनेशनल सोलर अलायंस का मुख्यालय है। ऐसे में गुरुग्राम को सोलर एनर्जी के बड़े केंद्र के रूप में उभारने की जरूरत है जिससे यह इस मामले में देश का अनुकरणीय जिला बन सके।

-दीपक मैनी, महासचिव, फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री, हरियाणा

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देश में लगभग 80 प्रतिशत बिजली का उत्पादन कोयले से होता है। ऐसे में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने की जरूरत है। बेहतर भविष्य के लिए यह जरूरी है। इस दिशा में ठोस कदम बढ़ने की जरूरत है। इसके प्रोत्साहन को लेकर तेजी से काम होना चाहिए।

-एसके आहूजा, महासचिव, गुड़गांव चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री

Edited By: Jagran