गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर को मिला बिजली वितरण लाइसेंस, उपभोक्ताओं को मिलेगा बेहतर सेवा का विकल्प
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग ने गुरुग्राम और नूंह में 25 साल के लिए इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिया है।
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गुरुग्राम और नूंह में इलेवन पावर को मिला बिजली वितरण लाइसेंस ( एआई जेनरेटेड इमेज )
HighLights
इलेवन पावर को गुरुग्राम, नूंह में 25 साल का लाइसेंस मिला।
कंपनी 5 साल में 4,717 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
उपभोक्ताओं को बिजली वितरक चुनने और बेहतर सेवा का विकल्प मिलेगा।
विनय त्रिवेदी, बादशाहपुर। आवासीय सोसायटियों, ऊंची इमारतों, औद्योगिक इकाइयों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के तेजी से विस्तार के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है।
मानेसर और सोहना जैसे क्षेत्रों में भी बिजली की खपत बढ़ रही है। अनुमान है कि गुरुग्राम और नूंह के लाइसेंस क्षेत्र में सालाना बिजली बिक्री 2024-25 के 12,220 मिलियन यूनिट से बढ़कर 2030-31 तक 18,224 मिलियन यूनिट हो जाएगी।
बिजली की बढ़ रही मांग
बिजली की बढ़ती मांग के साथ उपभोक्ताओं को समय पर कनेक्शन, भरोसेमंद आपूर्ति और बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस देने की जरूरत महसूस हुई।
हरियाणा विद्युत नियामक आयोग (एचईआरसी) ने 19 अक्टूबर को निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को गुरुग्राम और नूंह राजस्व जिलों में 25 साल के लिए समानांतर बिजली वितरण लाइसेंस दिया है।
कंपनी अगले पांच वर्षों में नेटवर्क विकसित करने पर 4,717 करोड़ रुपये निवेश करेगी। इससे दोनों जिलों के 8.3 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को भविष्य में बिजली वितरक चुनने का विकल्प मिलेगा।
अक्टूबर 2025 तक दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के पास नए मीटर लगाने और बिजली का भार बढ़ाने के 1,08,590 आवेदन लंबित थे। बिजली कनेक्शन और सेवाओं से जुड़ी देरी भी इस क्षेत्र में वैकल्पिक वितरण व्यवस्था लाने के प्रमुख कारणों में शामिल रही।
शिकायतों के समाधान पर दिया जोर
इलेवन पावर के चेयरमैन सुनील सचदेवा का दावा है कि सिटी डिवीजन, सब अर्बन, मानेसर, सोहना, बादशाहपुर और नूंह में चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विकसित करेगी। कंपनी की योजना 80 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों और 20 प्रतिशत ताप विद्युत स्रोतों से लेने की है।
गुरुग्राम में भूमिगत केबल, स्मार्ट मीटर, डिजिटल बिलिंग और शिकायतों के त्वरित समाधान पर जोर दिया जाएगा। कंपनी 2027-28 से बिजली आपूर्ति शुरू करने की योजना बना रही है।
उपभोक्ता अपने क्षेत्र में कंपनी का नेटवर्क पहुंचने के बाद ही विकल्प चुन सकेंगे। मौजूदा बिजली निगम की आपूर्ति जारी रहेगी और दरें नियामक आयोग के नियंत्रण में रहेंगी।
बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए समानांतर वितरण व्यवस्था जरूरी है। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी। -सुनील सरीन, संस्थापक, द्वारका एक्सप्रेसवे गुरुग्राम डेवलपमेंट एसोसिएशन
औद्योगिक विस्तार के लिए निर्बाध बिजली जरूरी है। निजी कंपनी आने से उद्योगों को बेहतर बिजली आपूर्ति की उम्मीद है। -पवन यादव, संरक्षक, आइएमटी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन मानेसर
नए कनेक्शन, लोड बढ़ाने और शिकायतों के समाधान में तेजी आनी चाहिए। प्रतिस्पर्धा से सेवाओं में सुधार होगा। -सुमित राव, अध्यक्ष, गुरुग्राम इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
उपभोक्ताओं के पास दूसरा विकल्प होना जरूरी है। निजी कंपनी बेहतर सेवा देगी तो बिजली निगम को भी सुधार करना होगा। -प्रवीण यादव, संयोजक, यूनाइटेड गुरुग्राम आरडब्ल्यूएज
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