जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : नए सेक्टरों के कॉलोनाइजर इलाके में रहने वाले लोगों को रोजाना इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिना बिजली, सीवेज लाइन, पेयजल लाइन की व्यवस्था के लोगों को बसाया गया है। सेक्टर 37 सी स्थित आइएलडी सोसायटी में बृहस्पतिवार को बिजली संकट की स्थिति पैदा हो गई। जिस जेनसेट से बिजली बनाकर सोसायटी की बिजली संबंधित जरूरतें पूरी की जा रही है, उसे हटाए उस जेनसेट की कंपनी के कर्मी आ गए। चूंकि, बिल्डर प्रबंधन ने उसके बिल नहीं भरे थे। लोगों ने बिल्डर प्रबंधन के विरोध में प्रदर्शन किया और व्यवस्था सुधारने की मांग की। बौखलाए लोग इस मामले में बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने सेक्टर 10 पुलिस स्टेशन पहुंचे। लोगों की शिकायत थी कि जब जेनसेट लेने कर्मचारी पहुंचे और उन्होंने विरोध किया तब बिल्डर प्रबंधन के किसी अधिकारी ने उनका फोन तक उठाना मुनासिब नहीं समझा। जेनसेट लगाने वाली कंपनी के बिल्डर के पास 25 लाख बकाया होने के कारण उसे हटाने कर्मचारी पहुंचे थे।

इस निर्माणाधीन सोसायटी के तीन टावर में 118 परिवार रह रहे हैं। जबकि कुछ टावर निर्माणाधीन हैं। अपार्टमेंट में रहने वालों का कहना था कि वे एक मोटी रकम सोसायटी के रखरखाव के लिए दे रहे हैं। बिजली के लिए बिजली निगम की अधिकतम दर 8.21 रुपए प्रति यूनिट एडवांस में दे रहे हैं। बिजली के लिए घरों में एडवांस मीटर लगे हैं। इस सोसायटी में दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम की ओर से बिजली का कनेक्शन नहीं है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की मुख्य सीवेज लाइन से कनेक्शन नहीं हैं। हशविप्रा की पेयजल की लाइन से कनेक्शन नहीं है। सेक्टर 37 सी और डी की बिल्डर लाइसेंस कॉलोनियां द्वारका एक्सप्रेस वे के साथ बसी हैं, जहां अभी बुनियादी सुविधाओं का अभाव है मगर लोग रह रहे हैं। अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन प्रतिनिधियों का कहना था कि यहां के फ्लैट 2008 से बन रहे हैं, मगर अभी इसका अधिकृत कब्जा (पजेशन) लोगों को नहीं मिल सका है। आइएलडी सोसायटी एक ओर पटौदी रोड दूसरी ओर सेक्टर-10, बसई रोड और आगे द्वारका एक्सप्रेस वे से जुड़ी है।

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