248 करोड़ का घोटाला! हरियाणा के पूर्व मंत्री के ठिकानों पर ED की छापामारी, घर-दफ्तर और फार्महाउस पर जांच जारी
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुग्राम में हरियाणा के पूर्व राज्यमंत्री गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत बड़ी कार्रवाई की है।

गुरुग्राम में ईडी की छापामारी। सांकेतिक तस्वीर
HighLights
ईडी ने गुरुग्राम में पूर्व मंत्री गोपाल कांडा के ठिकानों पर छापा।
धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत हुई यह बड़ी कार्रवाई।
कांडा के आवास, कार्यालय और फार्महाउस पर जांच जारी है।
संवाद सहयोगी, नया गुरुग्राम। गुरुग्राम में वाटिका लिमिटेड से जुड़े कथित रियल एस्टेट धोखाधड़ी और धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुग्राम में हरियाणा के पूर्व राज्य मंत्री गोपाल कांडा से जुड़े तीन परिसरों पर तलाशी अभियान चलाया।
ईडी के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की धारा 17 के तहत की गई। तलाशी गोपाल कांडा के आवास, फार्महाउस और कार्यालय परिसर में की गई।
ईडी की जांच वाटिका लिमिटेड के चार वाणिज्यिक प्रोजेक्ट से जुड़ी है। जांच के अनुसार, निवेशकों को इन परियोजनाओं में निवेश के लिए समय पर कब्जा देने, सुनिश्चित रिटर्न, लीज रेंटल और बिक्री विलेख यानी सेल डीड के निष्पादन का भरोसा दिया गया था।
248.46 करोड़ रुपये जुटाए
ईडी के अनुसार, इन चार परियोजनाओं में करीब 661 निवेशकों से लगभग 248.46 करोड़ रुपये जुटाए गए, लेकिन अब तक निवेशकों को न तो परियोजनाओं का कब्जा दिया गया और न ही वादे के मुताबिक सेल डीड का निष्पादन किया गया।
वहीं, जांच के दौरान ईडी ने निवेशकों से प्राप्त रकम के वित्तीय लेन-देन और उसके कथित डायवर्जन की पड़ताल की।
तलाशी की कार्रवाई की गई
अधिकारियों के अनुसार, जांच में ऐसी वित्तीय कड़ियां सामने आई हैं जिनमें निवेशकों से प्राप्त धन को कथित तौर पर गोपाल कांडा से जुड़ी विभिन्न कंपनियों तक स्थानांतरित किए जाने की आशंका है। इसी वित्तीय ट्रेल के आधार पर कांडा से जुड़े परिसरों पर तलाशी की कार्रवाई की गई।
डिजिटल उपकरण जब्त किए
यह कार्रवाई वाटिका समूह के विरुद्ध ईडी की चल रही जांच की अगली कड़ी है। इससे पहले 25 अगस्त 2026 को ईडी के गुरुग्राम क्षेत्रीय कार्यालय ने वाटिका लिमिटेड और उसके प्रवर्तक-निदेशकों से जुड़े दिल्ली-एनसीआर के सात आवासीय एवं व्यावसायिक परिसरों पर पीएमएलए के तहत तलाशी ली थी। उस कार्रवाई में विभिन्न दस्तावेज और डिजिटल उपकरण जब्त किए गए थे।
ईडी के अनुसार, करीब 33 करोड़ रुपये मूल्य के तीन लग्जरी वाहन, आभूषण तथा बैंक खातों/प्रतिभूतियों को भी जब्त या फ्रीज किया गया था।
ईडी ने अक्टूबर 2024 की अपनी कार्रवाई में भी वाटिका लिमिटेड और अन्य के विरुद्ध जांच का विवरण जारी किया था। एजेंसी के अनुसार मामला निवेशकों को वादे के मुताबिक, सुनिश्चित रिटर्न नहीं मिलने और वाणिज्यिक इकाइयों का कब्जा नहीं दिए जाने से संबंधित है।
पहचान किए जाने की बात कही
वहीं, जांच में करीब 250 करोड़ रुपये की अपराध से अर्जित आय होने का अनुमान लगाया गया था और 200 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की संपत्तियों की पहचान किए जाने की बात कही गई थी।
मामले में ईडी की जांच जारी है। कांडा से जुड़े परिसरों पर मौजूदा तलाशी के दौरान क्या-क्या दस्तावेज या अन्य सामग्री मिली है, इसकी विस्तृत जानकारी एजेंसी की ओर से सामने आना बाकी है।
जांच में सामने आए आरोप अभी जांच का विषय हैं और इन पर अंतिम निष्कर्ष संबंधित कानूनी प्रक्रिया के बाद ही होगा।
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