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गुरुग्राम में 32.28 करोड़ का लग्जरी फ्लैट सील, ED ने DLF The Magnolias अपार्टमेंट्स में की बड़ी कार्रवाई

Published: Mon, 19 Jan 2026 05:34 PM (IST)

ईडी ने गुरुग्राम के डीएलएफ द मैगनोलियास में 32.28 करोड़ रुपये का एक लग्जरी फ्लैट अस्थायी रूप से कुर्क किया ...और पढ़ें

ईडी ने गुरुग्राम में की कार्रवाई।

ईडी ने गुरुग्राम में की कार्रवाई।

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जागरण संवाददाता, नया गुरुग्राम। प्रवर्तन निदेशालय (ED), एचआईयू नई दिल्ली ने धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए डीएलएफ फेज-5 स्थित द मैगनोलियास का एक लग्जरी अपार्टमेंट कुर्क (प्रोविजनल अटैच) कर दिया है।

अटैच की गई संपत्ति अपार्टमेंट नंबर 1516बी है जिसकी कीमत करीब 32.28 करोड़ बताई गई है। यह संपत्ति मेसर्स अन्वी पावर इन्वेस्टमेंट प्राइवेट लिमिटेड के नाम पर दर्ज है।

ईडी की जांच में सामने आया है कि यह फ्लैट जेंसोल ग्रुप के चेयरमैन और प्रमुख प्रमोटर अनमोल सिंह जग्गी द्वारा खरीदा गया था। आरोप है कि यह संपत्ति जेंसोल ग्रुप की कंपनी मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूबल्स लिमिटेड से कथित रूप से डायवर्ट किए सरकारी फंड से खरीदी गई।

ईडी ने यह जांच सीबीआई, एस्टीबी नई दिल्ली द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। यह एफआईआर मेकान लिमिटेड की शिकायत पर दर्ज की गई थी। जांच के अनुसार, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (एमएनआरई) ने नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन (एनजीएचएम) के तहत स्टील सेक्टर में ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से जुड़े पायलट प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी फंड आवंटित किया था।

इन प्रोजेक्ट्स को लागू करने के लिए स्टील मंत्रालय ने मेकान लिमिटेड को स्कीम इम्प्लीमेंटिंग एजेंसी (एसआईए) नियुक्त किया था। इस योजना के तहत मैट्रिक्स गैस एंड रिन्यूबल्स सफल बोलीदाता बनी और कंपनी को स्वीकृत सरकारी अनुदान का 20% यानी 32.28 करोड़ की पहली किस्त जारी की गई।

ईडी की जांच में आरोप है कि इस सरकारी राशि का उपयोग पायलट प्रोजेक्ट में करने के बजाय, कंपनी ने पूरी रकम को कंपनियों के एक नेटवर्क के जरिए लेन-देन कर डायवर्ट किया। ये कंपनियां कथित तौर पर अनमोल सिंह जग्गी के नियंत्रण में थीं।

जांच एजेंसी के मुताबिक, इस धन का इस्तेमाल प्रमोटर्स के निजी लाभ और जेंसोल ग्रुप की अन्य गतिविधियों के लिए किया गया। डायवर्ट किए गए फंड से ही यह लग्जरी फ्लैट खरीदा गया, जिसे अपराध की आय मानते हुए अस्थायी रूप से अटैच किया गया है। ईडी के अनुसार मामले में आगे की जांच जारी है।

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