जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: एटीएम कार्ड का क्लोन (कॉपी) बना कर खाते से पैसे निकालने वाले गिरोह का साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शनिवार को भंडाफोड़ किया। मामले में तीन बदमाशों को अलग-अलग जगहों से गिरफ्तार किया गया है। तीन-चार और बदमाश गिरोह में शामिल हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।

सेक्टर-चार में रेलवे रोड पर रेस्टोरेंट चलाने वाले शिवपुरी निवासी पवन पाहूजा ने शुक्रवार को शिकायत दी थी कि उनके खाते से बृहस्पतिवार को किसी ने 47 हजार रुपये निकाल लिए, जबकि एटीएम कार्ड उनके पास ही है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके रेस्टोरेंट में नियमित आने वाले एक ग्राहक प्रताप ¨सह के खाते से भी इसी तरह 15 हजार रुपये निकाल लिए गए थे।

इतनी जानकारी मिलते ही साइबर क्राइम थाना पुलिस को शक हुआ कि रेस्टोरेंट का ही कोई कर्मचारी इसमें शामिल हो सकता है। शनिवार को शक के आधार पर रेस्टोरेंट में काम करने वाले कर्मचारी आकाश, जो कि मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के गांव नारायणपुर का रहने वाला है, उससे पूछताछ की गई। पूछताछ में उसने पूरी सच्चाई उगल दी। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

उसने बताया कि मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह निवासी निरंजन निराला दिल्ली के लाडो सराय इलाके में रहता है। वह एटीएम कार्ड की कॉपी करके निरंजन को ही देता है। वही बाद में खाते से पैसा निकालता रहता है। इसके बाद शनिवार को ही पुलिस ने दिल्ली से निरंजन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि आकाश को उसी ने क्लो¨नग मशीन दी थी। इस मशीन से वह लोगों के एटीएम कार्ड कॉपी कर लेता था।

निरंजन ने इस तरह की मशीन कई अन्य युवकों को भी उपलब्ध करा रखी है। इस काम में इन लोगों की मदद महिपालपुर निवासी करतार करता है। इसके बाद करतार को गुरुग्राम इलाके से गिरफ्तार कर लिया गया। वह किसी से मिलने पहुंचा था। तीनों आरोपितों को रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से निरंजन निराला को आठ दिन की रिमांड पर जबकि आकाश एवं करतार को दो दिन की रिमांड पर लिया गया है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर शमशुद्दीन ने बताया कि जल्द ही गिरोह के सभी गुर्गो को गिरफ्तार किया जाएगा।

Posted By: Jagran