जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: आरटीआइ कार्यकर्ता हरींद्र ढींगरा द्वारा प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री राव नरबीर सिंह की तथाकथित शिक्षा प्रमाण पत्र की जांच को लेकर दायर की गई याचिका पर ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट नवीन कुमार की अदालत में मंगलवार को सुनवाई हुई। पुलिस ने मामले की जांच की रिपोर्ट अदालत में पेश कर दी है। अदालत जांच रिपोर्ट पर सुनवाई 24 मई को करेगी। मामले के जांच अधिकारी ने कहा कि शिकायत से संबंधित सभी बिदुओं पर विस्तृत जांच की गई है, जिनका उल्लेख रिपोर्ट में कर दिया गया है।

बता दें कि आरटीआइ कार्यकर्ता हरींद्र ढींगरा ने प्रदेश के लोकनिर्माण मंत्री पर तथाकथित आरोप लगाए थे कि राव नरबीर सिंह ने वर्ष 2005, 2009 और 2014 में चुनाव लड़ा और शपथ पत्र दाखिल किए। उन्होंने वर्ष 2005 में शपथपत्र दाखिल किया था कि 10वीं की पढ़ाई 1976 में उन्होंने माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से उत्तीर्ण की है। वर्ष 2009 के चुनाव में शपथ पत्र दाखिल किया, जिसमें उन्होंने 10वीं की परीक्षा बिरला विद्या मंदिर नैनीताल से उत्तीर्ण की है। साथ ही वर्ष 1986 में हिदी साहित्य में स्नातक करने का उल्लेख भी शपथ पत्र में किया था। शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में विरोधाभास व भ्रमित जानकारी देने की शिकायत हरींद्र केंद्रीय चुनाव आयोग से भी की थी। आयोग ने उन्हें निर्देश दिए थे कि इस सब की शिकायत अदालत में याचिका के रुप में की जाए, जिस पर ढींगरा ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। दूसरी याचिकाकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों को राव नरबीर सिंह पहले से ही निराधार बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश की जा रही है।

Posted By: Jagran

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