गुरुग्राम में 10 साल पुराने केस में बिल्डर पिता-पुत्र को राहत, मिली नियमित जमानत
यूनिवर्सल बिल्डवेल के पूर्व प्रमोटर रमन पुरी और उनके बेटे विक्रम पुरी को 10 साल पुराने मामले में नियमित जमानत ...और पढ़ें

बिल्डर रमन पुरी और बेटे विक्रम को 10 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में मिली जमानत।
HighLights
रमन पुरी और विक्रम पुरी को नियमित जमानत मिली।
10 साल पुराने धोखाधड़ी मामले में मिली बड़ी राहत।
जांच पूरी, चालान पेश होने पर अदालत का फैसला।
संवाद सहयोगी, बादशाहपुर। यूनिवर्सल बिल्डवेल के पूर्व प्रमोटर एवं निदेशक रमन पुरी और उनके बेटे विक्रम पुरी को करीब 10 साल पुराने मामले में राहत मिली है। सेशन जज नरेंद्र सुरा की अदालत ने दोनों को नियमित जमानत दे दी। दोनों के खिलाफ थाना सदर में 22 अप्रैल 2016 को भारतीय दंड संहिता की धारा 406 और 420 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
अदालत ने जमानत देते हुए माना कि दोनों लंबे समय से जेल में हैं। मामले की जांच पूरी हो चुकी है और चालान भी पेश किया जा चुका है। अदालत ने सह आरोपित वरुण पुरी को दिसंबर 2025 में मिली जमानत को भी पैरिटी का आधार माना। रमन पुरी यूनिवर्सल बिल्डवेल के मैनेजिंग डायरेक्टर, जबकि विक्रम पुरी निदेशक रहे हैं।
दोनों कंपनी के प्रमोटरों में भी शामिल थे। कंपनी ने गुरुग्राम और फरीदाबाद में यूनिवर्सल ट्रेड टावर, यूनिवर्सल ग्रींस, यूनिवर्सल बिजनेस पार्क, यूनिवर्सल औरा, यूनिवर्सल स्क्वेयर, मार्केट स्क्वेयर, द पवेलियन और यूनिवर्सल प्राइम समेत आठ परियोजनाएं विकसित की थीं।
इन परियोजनाओं के जरिये करीब 1000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि जुटाई गई। एजेंसी का आरोप है कि परियोजनाओं के निर्माण में पूरी राशि का इस्तेमाल नहीं किया गया। इसके बाद धन के कथित दुरुपयोग, धोखाधड़ी, जालसाजी और गबन से जुड़े मामलों की जांच शुरू की गई।
30 से अधिक एफआईआर के आधार पर जांच
ईडी ने जुलाई 2025 में बताया था कि यूनिवर्सल बिल्डवेल, रमन पुरी, विक्रम पुरी और वरुण पुरी के खिलाफ दिल्ली-एनसीआर में दर्ज 30 से अधिक एफआईआर के आधार पर मनी लान्ड्रिंग की जांच शुरू की गई है। इनमें घर खरीदारों से रकम लेने के बाद परियोजनाओं को समय पर पूरा नहीं करने और निवेशकों के साथ कथित धोखाधड़ी के आरोप शामिल हैं।
