जागरण संवाददाता, गुरुग्राम : अब शहर के लोगों को अधिक वायु प्रदूषण होने पर कोई हैरानी नहीं होती। देश के सबसे अधिक प्रदूषित शहर में सामान्य से कई गुणा अधिक प्रदूषण होना कोई नई बात नहीं है। वर्ष के 365 दिनों में अगर बारिश के दिनों को छोड़ दे, तो शायद ही कोई दिन ऐसा बीतता होगा, जिसमें प्रदूषण का स्तर कम रहा हो। अब एक नवंबर से लगातार जहरीली हवा बनी हुई है। दावे तरह तरह के किए जा रहे हैं कि उससे प्रदूषण का स्तर कम नहीं हुआ। बुधवार को वायु प्रदूषण पीएम 2.5 का स्तर 411 दर्ज किया गया था तो बृहस्पतिवार को भी चार सौ से अधिक बना रहा। जहरीली हवा का प्रकोप कम होने के लिए लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं लेकिन राहत नहीं मिल रही है। पीएम 2.5 का स्तर 50 से अधिक दर्ज होना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है।

शहर से पक्षी गायब होने का एक बड़ा कारण प्रदूषण रहा है। शहर के चारों ओर प्रदूषण की अधिक मात्रा दर्ज किया जा रही है। शहर के बीच विकास सदन के पास पीएम 2.5 का स्तर 400 और एमडीआइ के पास 351, सेक्टर 51 में 379 तथा टेरी ग्राम में 340 दर्ज किया गया।

मानेसर में भी यही हाल

मानेसर में बृहस्पतिवार को पीएम 2.5 का स्तर 385 दर्ज किया गया। यहां पर गुरुग्राम के साथ जहरीली हवा बनी रहती है। अरावली पहाड़ी के नीचे बसे इस इलाके में सांस लेने के लिए स्वच्छ हवा का टोटा रहता है।

इस सप्ताह प्रदूषण का स्तर

सोमवार - 298

मंगलवार - 316

बुधवार - 411

बृहस्पतिवार - 403

Edited By: Jagran