संदीप रतन, गुरुग्राम

साइबर सिटी में दीपावली के बाद से प्रदूषण खतरनाक स्तर पर है। हवा कई गुना ज्यादा जहरीली होने के कारण निर्माण कार्यो पर भी रोक लगी हुई है। ऐसे में विकास की रफ्तार भी थम गई है। निर्माण कार्यो से संबंधित सभी प्रोजेक्ट फिलहाल बंद पड़े हैं। हवा की गुणवत्ता सुधरने के बाद ही निर्माण कार्य चालू होने की उम्मीद है। गुरुग्राम मेट्रोपालिटन डेवलपमेंट अथारिटी (जीएमडीए), गुरुग्राम और मानेसर नगर निगम के कई प्रोजेक्ट बंद होने के कारण काम लटक गया है।

बता दें कि गुरुग्राम में अभी भी एक्यूआइ (एयर क्वालिटी इंडेक्स) 300 के ऊपर बना हुआ है। हवा कई गुना जहरीली हो चुकी है। इससे आंखों में जलन, सिरदर्द और सांस में लेने में परेशानी के मरीज भी बढ़ रहे हैं। निगम अधिकारियों के मुताबिक आदेश मिलने के बाद ही निर्माण से संबंधित प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू किया जाएगा। ये मुख्य प्रोजेक्ट हुए ठप

अतुल कटारिया चौक फ्लाईओवर और अंडरपास

महावीर चौक फ्लाईओवर और अंडरपास

सदर बाजार मल्टीलेवल पार्किग

सोहना रोड एलिवेटेड हाईवे

नगर निगम के 50 से ज्यादा पार्कों की मरम्मत और निर्माण कार्य

निगम की सड़क निर्माण और पैचवर्क

ये हैं प्रदूषण बढ़ने के कारण

सड़कों और गलियों में झाडू से सफाई

खुले में निर्माण सामग्री रखना

टूटी सड़कों पर धूल उड़ना

ट्रैफिक जाम और ट्रैफिक सिग्नल पर लंबा इंतजार

कचरे में आग लगाना

लागू है ग्रेप, लेकिन कारगर नहीं

ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी ग्रेप लागू होने के बाद भी प्रदूषण में कमी नहीं आ रही है। नगर निगम अधिकारियों का दावा है कि सड़कों और पेड़-पौधों पर पानी का छिड़काव हो रहा है। प्रदूषण फैलाने वालों के चालान काटे जा रहे हैं।

सील इमारतों में चल रहे अवैध निर्माण

पुराने शहर की कालोनी शिवपुरी, लक्ष्मण विहार, शांति नगर, शिवाजी नगर, राजेंद्रा पार्क, पालम विहार, खेड़कीदौला, न्यू कालोनी, कृष्णा कालोनी में निगम एन्फोर्समेंट ने 100 से ज्यादा अवैध निर्माणों को सील करने का दावा किया था। लेकिन सील तोड़कर निर्माण करने की शिकायतें मिल रही हैं। प्रदूषण के दौरान निर्माण कार्यों पर प्रतिबंध के बावजूद निर्माण किए जा रहे हैं।

Edited By: Jagran