नई दिल्ली/गुरुग्राम, जागरण संवाददाता। केंद्रीय भूतल सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का निरीक्षण किया। इस दौरान हरियाणा इलाके में निरीक्षण के दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री मनोहर लाल भी उपस्थित रहे। इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारी पूरी कर की थी। इस दौरान सुरक्षा इंतजाम कड़े थे।

इस मौके पर  सीएम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के निर्माण से गुरुग्राम, नूंह एवं पलवल के कई इलाकों में विकास की रफ्तार तेज होगी। इसका निर्माण देश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर गुड़गांव लोकसभा क्षेत्र से सांसद राव इंद्रजीत सिंह भी मौजूद रहे। वहीं, केंद्रीय भूतल सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि निर्धारित समय के दौरान निर्माण कार्य पूरा करने का लक्ष्य है। काम में किसी भी स्तर पर कमी न रहे, इसके लिए अधिकारियों को विशेष दिशा निर्देश है। एक्सप्रेस-वे के बनने से पिछड़े इलाकों में विकास को पंख लगेंगे। एक्सप्रेस-वे पांच राज्यों के अधिकतर पिछड़े इलाकों से होकर गुजरेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि दिल्ली-एनसीआर में ट्रैफिक का दबाव कम करने के लिए 53 हजार करोड़ रुपये के 15 प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है, जिससे दिल्ली में प्रदूषण काफी कम होगा।

गौरतलब है कि देश के सबसे लंबा आठ लेन का यह एक्सप्रेस-वे हरियाणा में गुरुग्राम के 11, पलवल के सात एवं नूंह के 47 गांवों में से होकर गुजरेगा। इसकी शुरुआत गुरुग्राम-अलवर रोड पर गांव अलीपुर से है। प्रदेश में इसका आखिरी गांव नूंह जिले के फिरोजपुर ङिारका का गांव कालगांव है।

उम्मीद है कि हरियाणा के हिस्से का निर्माण अगले साल तक पूरा हो जाएगा। इसके बनने से यातायात की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। नूंह व पलवल में ये बड़े राजमार्गों केएमपी एक्सप्रेस-वे एवं डीएनडी सोहना से जुड़ेगा।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक (सोहना) सुरेश कुमार ने बताया कि निरीक्षण को लेकर कई स्तर पर तैयारी की गई है। गांव अलीपुर से आगे नौ किलोमीटर तक कार से केंद्रीय मंत्री नितिन गड़गरी ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया।  बताया जा रहा है कि इसके बाद लोहटकी में उन्हें प्रोजेक्ट की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी दी गई।

Edited By: Jp Yadav