यशलोक सिंह, गुरुग्राम

केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लेकर आएगा। उद्योग जगत के लोग इस एक्सप्रेस-वे निर्माण के पूरा होने की व्यग्रता से प्रतीक्षा कर रहे हैं। औद्योगिक माल ढुलाई के काम में इससे भरपूर गतिशीलता आ जाएगी। इसके माध्यम से राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। औद्योगिक उत्पादों को गुजरात और महाराष्ट्र स्थित पोर्ट तक भेजने के समय में अत्यधिक कमी आ जाएगी। इससे खर्च भी घटेगा। औद्योगिक विशेषज्ञों का कहना है कि इससे देश में इकोनामी बूम आएगा। उद्यमियों को उम्मीद है कि केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन इस एक्सप्रेस-वे का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद यह काम तय समय में पूरा हो जाएगा।

स्थानीय उद्यमियों का कहना है कि औद्योगिक हित को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार लगातार ठोस कदम उठा रही है। यदि इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात की जाए तो इस दिशा में सकारात्मक बदलाव होगा। भविष्य में इसका लाभ उद्योगों से लेकर आमजन तक को मिलेगा। औद्योगिक विकास और निवेश को बढ़ावा ठोस इन्फ्रास्ट्रक्चर से ही मिल सकता है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के तैयार हो जाने के बाद दिल्ली-एनसीआर में औद्योगिक निवेश में भरपूर तेजी आएगी। नए-नए उद्योग लगेंगे। बड़े स्तर पर रोजगार के अवसरों का सृजन होगा। आइटी-आइटीईएस, इंजीनियरिग, ई-आटोमोबाइल, लेदर, अपैरल, टेक्सटाइल, एग्रो फूड इंडस्ट्री सहित अन्य कई छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। अमेरिका व यूरोप के निवेशक एनसीआर के क्षेत्र में निवेश के लिए प्रोत्साहित होंगे। यही नहीं, ट्रांसपोर्ट, वेयर हाउस और लाजिस्टिक को भी बढ़ावा मिलेगा।

केंद्र सरकार की ओर से दावा किया गया है कि दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे वर्ष 2023 तक देश की जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। 1,350 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे से दिल्ली से मुंबई तक का सफर 12 घंटों में पूरा हो जाएगा। आठ लेन वाला यह मार्ग दिल्ली, गुरुग्राम, कोटा, रतलाम, गोदरा, बडोदरा, सूरत, दहिसर होते हुए मुंबई तक जाएगा। रियल एस्टेट क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा का कहना है कि इससे रियल एस्टेट को भी बड़ा फायदा होगा। टूरिज्म सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।

वर्जन

औद्योगिक माल की ढुलाई करने वाले वाहनों को अभी मुंबई तक का सफर पूरा करने में चार से पांच दिन लगता है। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे के बन जाने से यह सफर एक से डेढ़ दिन में पूरा हो जाएगा। वहीं, वायु प्रदूषण के स्तर पर भारी कमी आएगी। ईधन की बचत होगी। हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के विकास में इससे नया अध्याय जुड़ जाएगा।

-एसके आहूजा, महासचिव, गुड़गांव चैंबर आफ कामर्स एंड इंडस्ट्री

Edited By: Jagran