जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : नशे से स्वयं बचे और अन्य लोगों को भी बचाने के लिए आगे आए। नशा करने वाला व्यक्ति घर-परिवार व समाज को बर्बादी की ओर लेकर जाता है। जिला को नशामुक्त बनाना है, इस मुहिम में जिला के सभी पंच-सरपंच व नागरिक सहयोग करे। यह बात उपायुक्त डा. जेके आभीर व एसपी दीपक सहारण ने बुधवार को गांव गोरखपुर स्थित आर्य समाजी माडूराम धर्मशाला में आयोजित नशा के दुरूपयोग और अवैध तस्करी के खिलाफ जागरूकता शिविर एवं जैविक खेती बारे एक दिवसीय सेमिनार को संबोधित करते हुए कही। इस दौरान पौधरोपण भी किया। उन्होंने कहा कि नशा करने वाला व्यक्ति अपना जीवन तो बर्बाद करता ही है, इसके साथ-साथ वह अपने आसपास, मित्रों व रिश्तेदारों के जीवन में भी बाधा डालता है। भटके हुए नौजवानों को सही रास्ते पर लाने के लिए समाज व हर नागरिक का फर्ज बनता है कि उन्हें ज्ञान देकर, समझाकर मुख्य धारा में लाने का काम करे। पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण ने कहा कि नशा काल है, विनाश है। युवा पीढ़ी इस जाल में फंसकर शारीरिक व मानसिक क्षमता को खत्म कर रही है। इस मौके पर डीडीपीओ अनुभव मेहता, शमशेर आर्य, जिप सदस्य विजेंद्र सिवाच, कप्तान आर्य, कामरेड कृष्ण स्वरूप, प्रो. ओपी बिश्नोई, कृष्ण कुमार, गुरुसर सरपंच जगसीर, डीएसपी जगदीश काजला, बीडीपीओ र¨वद्र दलाल, एसएचओ रमेश कुमार आदि उपस्थित थे।

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