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जागरण संवाददाता, फतेहाबाद: गांव सिधानी के व्यक्ति से गोद लेकर बेची गई बच्ची को बाल संरक्षण टीम ने सुरक्षित बरामद कर लिया है। करीब 18 घंटे की मशक्कत के बाद बच्ची को टीम ने मोहाली के पास स्थित एक किन्नर के डेरे से बरामद कर लिया। वहीं इस प्रकरण से जुड़े हुए लोगों के खिलाफ महिला थाना पुलिस ने धोखाधड़ी समेत कई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यहां से बच्ची की तलाश में जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार के नेतृत्व में टीम शनिवार सुबह रवाना हुई थी। देर रात तक कार्रवाई चली। बच्ची को सुरक्षित बरामद कर रविवार सुबह करीब सात बजे टीम वापस पहुंची। यहां टीम ने बच्ची को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। यह जांच का विषय है कि बच्ची किन्नर के पास कैसे पहुंची और इस प्रकरण में किसकी क्या भूमिका रही। बाल संरक्षण अधिकारी को 3 अगस्त शिकायत मिली थी कि एक महिला ने उसकी बच्ची को गोद लिया था, लेकिन खरीद फरोख्त हुई थी। शिकायत पाकर बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुमार, महिला पुलिस, सीआइए पुलिस व महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी को साथ लेकर पंजाब में पहुंचे। पहले इस टीम ने दिड़बा निवासी रेशम कौर नामक महिला से संपर्क किया। उससे गुरप्रीत कौर के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया, जिसको बच्ची बेची गई थी। उसका सही पता नहीं मिल रहा था। गुरप्रीत कौर की कॉल डिटेल के जरिये उन नंबरों पर संपर्क किया, जिनसे उसकी बातचीत होती थी। इसके बाद रात को टीम गुरप्रीत के पते पर पहुंची। करीब 12 बजे गुरप्रीत कौर सामने आई। इसके बाद पता चला कि बच्ची उसके पास नहीं, बल्कि मोहाली के पास एक गांव में है। उस गांव में एक किन्नर का डेरा है जिसे महंत का डेरा कहा जाता है। रात को ही टीम डेरे में पहुंची। वहां से बच्ची को बरामद किया गया।

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इन सवालों का नहीं हुआ खुलासा

बच्ची को उसके माता पिता से गोद लेकर गुरप्रीत कौर को कितने में बेच गया? इस गिरोह में कौन लोग शामिल हैं? जिस किन्नर से बच्ची को बरामद किया है, उसका गुरप्रीत कौर से क्या ताल्लुक है? किन्नर को बच्ची क्यों चाहिए थी? ऐसे अनेक सवाल हैं, जिनका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया। अधिकारियों का कहना है कि यह आगे जांच का विषय है।

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ऐसे शुरू हुआ था प्रकरण

गांव सिधानी निवासी एक शख्स के चार बेटियां है। दो बेटियों इनसे पहले जन्म लेते ही मर गई थी। 4 जुलाई 2018 को घर में छठी बेटी का जन्म हुआ तो उसे बेटियों के पालन पोषण की ¨चता सता रही थी। उसने दो चार लोगों के सामने जिक्र किया कि अगर कोई अच्छा परिवार उसकी एक बेटी को गोद लेता है तो वे गोद देने को तैयार हैं। 15 जुलाई 2018 को उसके घर दो गाड़ियों में सवार होकर कुछ लोग घर पर आए। उनमें शामिल रेशम कौर नामक महिला ने बताया कि उनकी एक परिचित महिला गुरप्रीत कौर बच्ची को गोद लेना चाहती है। रेशम कौर ने बताया कि गुरप्रीत कौर पंजाब के खन्ना शहर की रहने वाली है। यह परिवार थोड़े ही समय बाद कनाडा चला जाएगा। उन्हें उम्मीद जगी कि बच्ची अच्छे घर में चली जाएगी तो ¨जदगी संवर जाएगी। यह सोचकर बच्ची गोद दे दी। एक दिन विचार आया कि गुरप्रीत कौर से संपर्क कर बच्ची का हाल चाल पूछ लेते हैं। उन्होंने गुरप्रीत कौर को फोन कर कहा कि वह अपनी बच्ची से मिलना चाहते हैं, इसलिए अपना स्थाई पता दे दो। तब गुरप्रीत कौर ने जवाब दिया कि उन्होंने यह बच्ची रुपये देकर गोद ली है। इसलिए अपना पता नहीं दे सकते और न ही मिलने की अनुमति है। इसके बाद बच्ची के पिता ने बाल संरक्षण अधिकारी को शिकायत दी।

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खुद ही पालन पोषण करूंगा: पिता

मैंने अपनी बेटी का भविष्य संवारने के लिए गोद दी थी। मुझे नहीं पता था कि समाज में बेटियों की खरीद फरोख्त का भी धंधा होता है। जब मुझे पता चला तो धोखा लगा। अब बच्ची सुरक्षित मिल गई है। अब सभी बेटियों का खुद ही पालन पोषण करूंगा। मैं प्रशासन व मीडिया का धन्यवाद करता हूं। इस मामले में बहुत तेजी से कार्रवाई हुई है।

-बच्ची का पिता, सिधानी।

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गिरोह के खिलाफ कार्रवाई होगी: अधिकारी

पुलिस ने इस प्रकरण को लेकर दो महिलाओं को नामजद कर अन्य अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। प्रारंभिक कार्रवाई के दौरान हमें बच्ची को बरामद करना था, जिसमें सफल रहे हैं। अब आगे मामले की जांच चलेगी। जो भी संलिप्त पाया जाएगा, उस पर कार्रवाई होगी।

-प्रदीप कुमार, जिला बाल संरक्षण अधिकारी।

Posted By: Jagran

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