जागरण संवाददाता, फतेहाबाद : बढ़ते कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए प्रधानमंत्री ने रविवार को जनता क‌र्फ्यू की अपील की है। वहीं लोग अब खुद जागरूक हो गए है। वे भीड़-भाड़ से बच रहे हैं। इसका नजारा बस स्टैंड पर देखने को मिला। रोडवेज डिपो के प्रांगण में शनिवार सुबह 10 बजे सुनसान नजर आया। ग्रामीण रूटों पर जाने वाले बसों में भी गिने-चुने यात्री बैठे रहे। इसी तरह हिसार व सिरसा रूट पर हर समय यात्रियों की लंबी भीड़ लगी रहती थी। लेकिन शनिवार को ऐसा नहीं देखने को मिला। बस स्टैंड के प्रांगण में भी लोगों की हलचल कम थी।

वैसे तो फतेहाबाद डिपो की 170 बसें करीब 110 रूटों पर प्रतिदिन सफर करती हैं। जिनमें औसतन 15 से 18 हजार यात्री सफर करते हैं। अब लोग कोरोना के बचाव के बाद बसों में सफर करने वालों की संख्या एकदम कम हो गई। शनिवार को रोडवेज के आंकड़ों के अनुसार सिर्फ 8 हजार लोगों ने बस डिपो में सफर किया। ऐसे में लोगों में अब जागरूकता आ गई है। लोग अपने घर पर ही रह रहे है।

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बस में सफर करने वाले यात्री भी दिखे जागरूक :

रोडवेज की बसों में सफर करने वाले अधिकांश यात्री जागरूकता नजर आए। महिला व पुरूषों ने मास्क लगाकर सफर किया। वैसे तो बसों में यात्री कम रहे, लेकिन जो बसों में सवार रहे उन्होंने दुपटे, साफे से अपना बचाव किया हुआ था। गांव कुम्हारिया के रूट पर चलने वाली बस में सफर कर रही महिला कृष्णा देवी, शारदा ने अपने दुपट्टे का प्रयोग मास्क के रूप में प्रयोग किया हुआ था, ताकि वायरस किसी तरह उन तक न फैले। इसी तरह हिसार जाने के लिए आए ब्रजेश कुमार ने साफे से चहरा ढका हुआ था।

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स्कूलों व कालेजों की छुट्टी करने से मिली बड़ी राहत :

प्रदेश सरकार ने बीमारी की गंभीरता को देखते हुए पहले ही स्कूलों व कॉलेजों की छुट्टी कर दी थी। ऐसे में रोडवेज में बड़ी संख्या में यात्री कम हो गए। वहीं अभिभावक अब अपने बच्चों को घरों में ही रख रहे है, ताकि बीमारी के प्रकोप में न आए। रोडवेज के टीएम मनोज का कहना है कि लोग जागरूक होंगे, तभी बचाव होगा। इसमें सबकी भागीदारी जरूरी है।

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दिल्ली के लिए पांच तो चंडीगढ़ के लिए चलीं सिर्फ 4 बसें :

कम यात्रियों को देखते हुए रोडवेज विभाग ने लंबे रूट की बसों का संचालन कम कर दिया है। पहले दिल्ली व चडीगढ़ व गुरुग्राम के लिए फतेहाबाद डिपो की 30 बसें चलती थी। अब शनिवार को सिर्फ 14 बसें ही चली। इसी तरह हिसार, सिरसा व अन्य रूटों पर बसों की संख्या घटाई गई है। इसी तरह भट्टू रूट पर भी चलने वाली बसों में यात्रियों की संख्या कम देखी गई।

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कम आ रहे हैं यात्री

कैंटीन संचालक तकनीकी व ज्ञान के युग में लोगों में जागरूकता आई है। कोरोना की वजह से बेशक हमारा व्यवसाय प्रभावित हुआ है, लेकिन लोग सुरक्षा की दृष्टि से घर से कम निकल रहे है। ये देश हित में जरूरी है। आम दिनों में दोपहर तक तीन से चार हजार का व्यवसाय हो जाता था। अब कोरोना की वजह से बस स्टैंड खाली है। यह जरूरी है कि बीमारी से बचने के लिए हम घर से कम निकले।

- भूपेंद्र सिंह, कैंटीन संचालक, बस स्टैंड।

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अब लोग सिम भी नहीं खरीद रहे। पहले बस स्टैंड पर भीड़ होने से औसतन 40 से 50 सिम बिक जाती थी। अब मुश्किल से पांच से सात बिक रही है। रविवार से मैं भी जनता क‌र्फ्यू में भागीदार बनते हुए घर पर रहूंगा। अब देशभक्ति यही है कि हम सब घर पर रहे, ताकि बीमारी फैलने से रूके।

- सुदेश बेनीवाल, सिम बिक्रेता।

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जागरूकता जरूरी, तभी होगा बचाव : जीएम

रोडवेज के प्रांगण में जगह-जगह हैंडवॉश की सुविधा दी गई है। इसके अलावा बसों की नियमित तौर पर सफाई का निर्देश दिए गए है। परिचालकों व चालकों को निर्देश दिए हैं कि वे मास्क व हाथ में दस्ताने पहने। खुद के साथ यात्रियों को भी भीड़ से बचाए।

- रणसिंह पूनिया, महाप्रबंधक रोडवेज।

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Posted By: Jagran

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