जागरण संवाददाता, फतेहाबाद :

केंद्र सरकार व एनजीटी ने आदेश जारी किए थे कि पूरे प्रदेश में 1 जुलाई से सिगल यूज पालीथिन पर प्रतिबंध लग गया। लेकिन धरातल पर अभी तक ऐसा कुछ नहीं हुआ। गली मुहल्ले में पालीथिन बिक रहा है। पालीथिन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए था अब अधिकारी लोगों को जागरूक कर रहे है।

एनजीटी की तरफ से इस साल फरवरी महीने में नोटिफिकेशन आ गया था कि 1 जुलाई से सिगल यूज पालीथिन पर प्रतिबंध लग रहा है। ऐसे में दुकानदारों व लोगों को जागरूक करे ताकि धीरे-धीरे इस पालीथिन का प्रयोग कम हो। लेकिन फतेहाबाद जिले के नगरपरिषद व नगरपालिका के अधिकारियों ने इसकी तरफ ध्यान तक नहीं दिया। अगर ध्यान दिया होता तो आज जागरूक करने के लिए बैठक या फिर जागरूकता रैली निकालने की जरूरत तक नहीं पड़ती। पालीथिन पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना बेशक थोड़ा कठिन काम हो, लेकिन इसके लिए प्रयास तो करने होंगे। पालीथिन जब्त किया, लेकिन चालान किसी का नहीं काटा

शनिवार को नगरपरिषद फतेहाबाद की तरफ से पूरे शहर में पालीथिन जब्त करने के लिए अभियान चलाया गया। इसके लिए पुलिस कर्मचारी भी लिए गए ताकि अगर कोई दुकानदार गड़बड़ी करता है तो मौके पर ही स्थिति को काबू किया जा सके। लेकिन शनिवार को नप ने करीब साढ़े पांच किलो पालीथिन तो बरामद कर लिया, लेकिन चालान किसी का नहीं काटा। जब तक नप के कर्मचारी चालान नहीं करेंगे तब तक इसका प्रभाव भी नहीं पड़ेगा। फतेहाबाद शहर में बेशक थोड़ा अभियान चला तो सही, लेकिन टोहाना, रतिया, भूना व जाखल में तो एक भी दुकान की चेकिग तक नहीं की गई। ऐसे में तो लगता नहीं कि आने वाले कुछ दिनों में जिले के सभी शहरों में पालीथिन पर प्रतिबंध लग जाएगा। सोमवार से बड़े स्तर पर अभियान चलाने का दावा

नगरपरिषद जब भी अभियान की शुरूआत कर रही है तो उसकी सूचना भी लीक हो रही है। यहीं कारण है कि शनिवार को जब नप की टीम दुकान पर पहुंची तो पहले से ही दुकान बंद मिली। ऐसे में डिस्पोज आदि का सामान बेचने वालों के चालान तक नहीं कटे। फतेहाबाद में सब्जी मंडी में अनेक ऐसी दुकानें है जो केवल पालीथिन ही बेच रहे है। ऐसे में अधिकारियों को बिना सूचना दिए ही पालीथिन के चालान काटने होंगे। नप अधिकारियों ने दावा किया है कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा इस प्लास्टिक पर लगी है रोक

प्लास्टिक की अनेक वस्तुओं पर पाबंदी लगने वाली है। प्लास्टिक स्टिक वाले ईयरबड, गुब्बारे में लगने वाले प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइसक्रीम स्टिक, सजावट में काम आने वाले थर्माकोल शामिल हैं। इसके साथ ही प्लास्टिक कप, प्लेट, गिलास, कांटा, चम्मच, चाकू, स्ट्रा, ट्रे जैसी कटलेरी आइटम, मिठाई के डिब्बों पर लगाई जाने वाली प्लास्टिक शामिल है। 100 माइक्रोन से कम मोटाई वाले पीवीसी बैनर आदि पर पाबंदी लग गई है। दुकानदारों के सामने पैदा हुआ संकट

फतेहाबाद शहर में अनेक ऐसी दुकानें है जहां पर पालीथिन बिक रहा है। पिछले दो दिनों से ये दुकानें बंद है। ऐसे में इन दुकानदारों ने अपनी दुकानों के अंदर लाखों रुपये का सामान रख रखा है। अब प्रतिबंध लगने के कारण इन सिगल यूज प्लास्टिक को खरीदेगा कौन यह भी एक सवाल खड़ा हो गया है। इसके अलावा नागरिकों को भी जागरूक होना होगा। बाजार आने से पहले अपने हाथ में थैला लेकर आना होगा, तभी इस प्लास्टिक पर प्रतिबंध ले सकता है। पालीथिन बेचने पर ये है जुर्माने का प्रावधान

-100 ग्राम तक 500 रुपये

-500 ग्राम तक 1500 रुपये

-एक किलो तक 3000 रुपये

-पांच किलो तक 10,000 रुपये

-10 किलो तक 20,000 रुपये

-10 किलो से उपर 25,000 रुपये

नोट: इसके अलावा एनजीटी 50 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगा सकता है। फतेहाबाद नगरपरिषद की तरफ से दो दिनों से अभियान चलाया जा रहा है। शनिवार को भी पालीथिन जब्त किया गया है। रविवार को अवकाश है ऐसे में सोमवार को बड़े स्तर पर अभियान चलाया जाएगा।

ऋषिकेश चौधरी, ईओ नगरपरिषद फतेहाबाद।

Edited By: Jagran