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चुन्नी बेचने से CM तक का सफर... फतेहाबाद में भजनलाल की पहली प्रतिमा स्थापित, संघर्ष के दिन याद कर भावुक हुए कुलदीप बिश्नोई

Published: Mon, 02 Nov 2026 10:42 PM (IST)

फतेहाबाद में पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल की पहली प्रतिमा का अनावरण किया गया, जो उनके निधन के 15 साल बाद ...और पढ़ें

फतेहाबाद में भजनलाल की पहली प्रतिमा स्थापित। फोटो जागरण

फतेहाबाद में भजनलाल की पहली प्रतिमा स्थापित। फोटो जागरण


HighLights

  1. फतेहाबाद में पूर्व सीएम भजनलाल की पहली प्रतिमा स्थापित।

  2. 16 लाख की अष्टधातु से बनी 6 फुट ऊंची प्रतिमा।

  3. कुलदीप बिश्नोई ने किया अनावरण, संघर्ष को याद किया।

विष्णु नाढोड़ी, फतेहाबाद। हरियाणा की राजनीति के दिग्गज और पूर्व मुख्यमंत्री बिश्नोई रत्न चौधरी भजनलाल के निधन के 15 साल 5 महीने बाद सोमवार को उनके गृह क्षेत्र फतेहाबाद में उनकी पहली प्रतिमा स्थापित की गई है। मूल रूप से फतेहाबाद के गांव मोहम्मदपुर रोही (एमपी रोही) के निवासी रहे पूर्व सीएम चौधरी भजनलाल का 3 जून 2011 को निधन हुआ था।

सोमवार को सिरसा रोड स्थित बिश्नोई मंदिर में 542वें बिश्नोई धर्म स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में इस प्रतिमा का अनावरण किया गया। कार्यक्रम में अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक एवं वरिष्ठ भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की तथा कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

16 लाख की लागत से बनी है 6 फुट ऊंची प्रतिमा

बिश्नोई मंदिर परिसर में स्थापित पूर्व सीएम की यह प्रतिमा कई मायनों में खास है। 6 फुट ऊंची इस प्रतिमा के निर्माण पर 16 लाख रुपये की लागत आई है। इसे जयपुर के कुशल कारीगरों ने अष्टधातु से तैयार किया है।

अष्टधातु से बनी होने के कारण यह मौसम की मार से कभी खराब नहीं होगी और न ही इसे भविष्य में कभी पेंट करने की जरूरत पड़ेगी। इस प्रतिमा के निर्माण का सारा खर्च कर्मचारी कल्याण समिति, बिश्नोई समाज द्वारा वहन किया गया है।

'साइकिल पर चुन्नी बेचने वाले का CM तक का सफर प्रेरणादायक'

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलदीप बिश्नोई ने अपने पिता के संघर्षों को याद किया। उन्होंने कहा कि यह प्रतिमा स्थापित करने का मुख्य उद्देश्य युवाओं को यह सीख देना है कि कड़ी मेहनत के दम पर एक साधारण परिवार का बच्चा भी बड़े से बड़े पद पर पहुंच सकता है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान से आकर फतेहाबाद के एमपी रोही में बसे भजनलाल के पास थोड़ी सी ही जमीन थी। कुलदीप बोले- मैंने खुद उनकी पीठ पर बोरी ढोने के निशान देखे हैं।

साइकिल पर चुन्नी बेचने वाला व्यक्ति कैसे पंच, सरपंच और ब्लाक समिति से लेकर मुख्यमंत्री व केंद्रीय मंत्री के पद तक पहुंचा, यह उनके जीवन का सबसे बड़ा संघर्ष है। कुलदीप ने कहा कि भजनलाल की शिक्षा थी कि- कभी झुकना नहीं, दबना नहीं और पावर का कभी गलत इस्तेमाल मत करना। आज वे खुद भी इन्हीं शिक्षाओं पर चल रहे हैं।

200 बेड के अस्पताल का नाम भजनलाल पर रखने का आश्वासन

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री कृष्ण बेदी ने चौधरी भजनलाल को 36 बिरादरी का नेता बताते हुए हरियाणा के विकास में उनके योगदान को सराहा। पूर्व विधायक दुड़ाराम ने फतेहाबाद में बन रहे 200 बेड के अस्पताल का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखने और इसे मेडिकल कालेज बनाने की मांग रखी।

इस पर मंत्री कृष्ण बेदी ने अस्पताल का नाम चौधरी भजनलाल के नाम पर रखने के लिए मिलकर प्रयास करने का आश्वासन दिया और बिश्नोई सभा को 50 लाख रुपये देने की घोषणा की। अवसर पर नलवा विधायक रणधीर पनिहार, जिला परिषद चेयरपर्सन सुमन खिचड़ व भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीन जोड़ा मौजूद रहे।

एक नजर में जानें चौधरी भजनलाल का रानीतिक जीवन

  • -1960 में आदमपुर ग्राम पंचायत के पंच बने।
  • -1968 से 2008 के बीच आदमपुर से रिकार्ड 9 बार विधायक बने।
  • -भजनलाल 1979, 1982 और 1991 में राज्य के मुख्यमंत्री बने।
  • -1989 में फरीदाबाद, 1998 में करनाल और 2009 में हिसार से सांसद बने।
  • -1986 में उन्हें राज्यसभा के रास्ते संसद भेजा गया।
  • -1986 में वन एवं पर्यावरण मंत्री और 1988 में केंद्रीय कृषि मंत्री बने।
  • -साल 2000 में हरियाणा विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे और 2002 में कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष की कमान संभाली।

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